03 सितंबर 2017

बाढ़ का स्थायी समाधान मुश्किल, सरकार कर रही भरसक प्रयास

मधेपुरा में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करने आये जिले के प्रभारी मंत्री विजेन्द्र प्र. यादव ने कहा कि  सरकार बाढ़ पीडितों के लिये हर सम्भव राहत उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है लेकिन बाढ़ का स्थायी समाधान मुश्किल है ।

अमेरिका, चीन और अन्य देशों में भी बाढ़ आती रहती है । उन्होने बैठक में निर्देश दिया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सभी सड़क कॊ मोटरेबुल बनाया जा चुका है और सभी बाढ़ प्रभावित परिवार कॊ तत्काल राहत राशि प्रदान कि जा रही है । फसल क्षति और गृह क्षति मुआवजा भी जाँचोपराँत दी जायेगी।

उपविकास आयुक्त मिथिलेश कुमार ने बाढ़ सम्बन्धी विवरण देते हुए बताया कि जिले के तेरह में से दस अंचलों में बाढ़ का प्रकोप हुआ । लगभग 89 पंचायत के 237 गाँवों में बाढ़ का पानी के कारण 3 लाख 93 हजार जनसँख्या और 38 हजार पशुधन प्रभावित हुए । बाढ़ के दौरान जल क्रीड़ा पर प्रतिबंध के बावजूद तीस लोगों की मौत हुई बाढ़ के दौरान जिले में सरकारी स्तर पर 35 राहत शिविर स्थापित कर लोगों कॊ भोजन कराया गया और अभी भी आलम नगर और चौसा में कुल नौ सामुदायिक रसोई चालू हैं । अब तक 92262 सूखा राशन पाकेट, 8600 फुड पाकेट, 8500 पॉलीथीन शीट वितरित किये गये हैं । 

बाढ़ के दौरान और अभी तक जन स्वास्थ्य और पशु स्वास्थ्य कार्यरत रहे हैं । बाढ़ के दौरान जिले के अंदर कुल सत्तर स्थानों पर विभिन्न सड़क क्षतिग्रस्त और कटे जिन्हे भराई कर ठीक कराया जा चुका है । अब तक 5038 परिवारों कॊ छह हजार प्रति परिवार की दर से सहाय्य राशि उनके खाते में उपलब्ध कराया जा चुका है ।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...