वहीं पीड़ित पक्ष को मुआवजा हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधेपुरा को लिखा गया है. इस मामले में पौक्सो कोर्ट के स्पेशल पी.पी. विजय कुमार विजेता ने बताया कि बिहारीगंज प्रखंड अंतर्गत सरौनी वार्ड नंबर 12 निवासी मोहम्मद सदरुल की पत्नी बीबी सपना खातून ने अपने नाबालिग ननद के साथ दुष्कर्म तथा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बिहारीगंज थाना में मो. रहमत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया. दर्ज प्राथमिकी में बीबी सपना ने बताया कि मेरी नाबालिग ननद अपने घर से उत्तर खेत में शौच करने गई थी. पुनः जैसे ही शौच करने बैठी कि पहले से घात लगाए मो. फिरोज का बेटा मोहम्मद रहमत ने मेरी नाबालिग ननद को पटककर दुष्कर्म करने लगा और विरोध करने व हल्ला करने पर पूरे परिवार की हत्या करने की बात कही. इसके बाद इस मामले को लेकर अभियुक्त के साथ पंयायत भी हुई लेकिन बाप-बेटा ने पंचायत की बात मानने से इंकार कर दिया.
अदालत ने सभी पक्षों को सुनने व अंतिम निर्णय लेते हुए मो. रहमत को POCSO की धाराओं तथा भा.द.वि. की धारा 376 में दोषी मानते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास, पांच लाख का जुर्माना और जुर्माने की राशि नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई.
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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November 03, 2023
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