परिजनों ने डॉक्टरों पर चिकित्सा मे लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शान्त किया।
मालूम हो कि सहरसा जिले के पतरघट वार्ड चार निवासी दीपा भारती 14 जनवरी की रात लाव सेंकने के दौरान जल गई थी। जिससे इलाज के लिए मिशन अस्पताल मे भर्ती किया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। गुरूवार की सुबह महिला की मौत हो गयी। मौत की खबर मिलते मृतक के परिजन ने अस्पताल में जमकर बवाल किया. परिजन का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण मौत हुई है। परिजन का यह भी आरोप था कि जब भी मरीज की हालत के बारे में पूछा जाता था वह मरीज का मोबाइल पर फोटो दिखाकर शान्त कर देते, कभी भी मरीज से मिलने नही देते थे। मरीज की डॉक्टर अच्छी तरह से मरीज की देखभाल नहीं करते थे। मृतक के पति विनोद ने बताया कि वे कबाड़ी का काम करते हैं। लोगों से चंदा लेकर वो पत्नी का इलाज करवा रहा था। अब तक फीस, दवाई और अस्पताल चार्जेज के नाम पर उसने 93518 रूपये जमा कर चुका है। अब उसके पास दाह संस्कार करने के भी पैसे नहीं हैं. वे दाह संस्कार कैसे पता नही फिर भी अस्पताल बकाया राशि की मांग कर रहे हैं, तब शव को देने की बात कर रहे हैं ।
दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधक अरविंद ने बताया कि मृतक का शरीर कमर से नीचे 46 प्रतिशत जल चुका था। परिजनों को हायर सेंटर भी ले जाने को कहा गया। बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ने पर मरीज को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। जिसके बाद गुरुवार को मरीज की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे आक्रोशित लोगो शान्त करते हुए शव मृतक परिजन को सौंप दिया तब मामला शान्त हुआ।
थानाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला की चिकित्सा के दौरान मौत होने पर अस्पताल प्रबंधक का 15 हजार रूपया बकाया था. उसी की मांग पर परिजनों और अस्पताल प्रबंधक में विवाद हो गया. बाद में अस्पताल प्रबंधक को समझा बुझाकर शव परिजन को सौप दिया गया, तब मामला शान्त हो गया।

बिल भुगतान नहीं करने शव को रोका, परिजन किया जमकर बवाल
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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February 20, 2020
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