इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल-नल, नली-गली सहित विभिन्न विकास एवं गरीबी उन्मूलन योजनाएं भ्रष्टाचार और लूट की भेंट चढ़ चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोग भूमिहीन और बेघर हैं तथा रोजगार के अभाव में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी समस्याओं से परेशान है, जबकि केंद्र सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर अन्य विषयों में व्यस्त है। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में बदलाव की आवश्यकता बताते हुए एक सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित भाकपा की रैली को सफल बनाने का आह्वान किया।
भाकपा के वरीय नेता अनिल भारती ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने छात्र आंदोलनों पर की जा रही कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया।
अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा और सहायक अंचल मंत्री मोहम्मद सिराज ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।
पदयात्रा में भाकपा नेता रौशन यादव, विजय यादव, मोहम्मद अरमान अली, मोहम्मद कलाम, मुस्ताक, रूपेश कुमार, संजय यादव, मोहम्मद आसीन, मोहम्मद सद्दाम, जमाल, नीतीश कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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August 11, 2026
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