"कुलपति अपने तानाशाही रवैया के कारण कई छात्र-छात्राओं का भविष्य बर्बाद कर चुके हैं": ABVP ने सौंपा ज्ञापन
ABVP द्वारा उक्त सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी को बताया कि वर्तमान कुलपति की मानसिक स्थिति सही नहीं है। वर्तमान कुलपति अपने सनक और तानाशाही रवैया के कारण कई छात्र-छात्राओं का भविष्य बर्बाद कर चुके हैं । जब यह भागलपुर के प्रभारी कुलपति बने तो वहां भी कई छात्राओं पर मुकदमा करके उन्हें निष्कासित करके उनके भविष्य को बर्बाद कर चुके हैं । पूर्व में भी मंडल विश्वविद्यालय में जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा भ्रष्टाचार को लेकर उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया तो वह कई छात्र-छात्राओं को निष्कासन की धमकी दे चुके हैं और अभी जब उनके भ्रष्टाचार की पोल पूरे बिहार में खुल रही है तो उन्होंने विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं पर फर्जी मुकदमा लाद दिया। इतना ही नहीं शुरू से ही शोधार्थी श्री सौरभ यादव को शोध कार्य से निष्कासित करने हेतु स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया।
विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने बताया कि कुलपति सौरभ यादव एवं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के प्रति दुराग्रह की मानसिकता से ग्रसित हैं । जब कभी विद्यार्थी परिषद उनके समक्ष विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचार अराजकता और अधिकारियों की अकर्मण्यता के बारे में उनसे बात करती है तो वे संगठन को डराना धमकाना शुरू कर देते हैं और उनके छात्र नेताओं पर मुकदमा करते हैं। इतना ही नहीं राष्ट्रवादी विचारधारा से संबंध रखने वाले सभी प्रोफेसर को सुदूर स्थानांतरण करके उनके वेतन आदि को रोकने जैसे भी कृत्य को करते हैं।
पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि हम लोग जिला पदाधिकारी से मिलकर के छात्र-छात्राओं के ऊपर होने वाले फर्जी मुकदमोनों एवं कुलपति के तानाशाही रवैया और शिक्षा माफियाओं के द्वारा दी जाने वाली धमकियों से संरक्षण के लिए अनुरोध किया है और जिला पदाधिकारी के माध्यम से लोकभवन को वर्तमान कुलपति के करतूत से अवगत कराने को कहा है।
वहीं बिहार राज्य कार्य प्रमुख सौरभ यादव ने कहा कि पूर्व में भी मेरे ऊपर वर्तमान कुलपति के द्वारा मुकदमा दर्ज करके मेरे भविष्य को बर्बाद करने की साजिश की गई है। जब-जब उनके भ्रष्टाचार की पोल खुलने लगते हैं तो यह मेरे ऊपर मुकदमा करते हैं और मेरे भविष्य को बर्बाद करने की साजिश कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर करते रहते हैं। वर्तमान कुलपति भ्रष्टाचार के आकंठ में इतना डूब चुके हैं कि वह UMIS को बचाने के लिए हर हद तक जा सकते है जिसका उदाहरण आज कई राष्ट्रवादी विचारधारा से संबंध रखने वाले प्रोफेसर की स्थानांतरण सुदूर महाविद्यालय जान बूझ कर किया गया है।
वहीं जिला संयोजक नवनीत सम्राट व जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा ने कहा कि बिना सिंडिकेट के अनुमोदन के ही चलने वाले इस UMIS ने मंडल विश्वविद्यालय के करोड रुपए डकार कर छात्र छात्रों का आर्थिक शोषण एवं दोहन करने का काम किया है। वर्तमान कुलपति अब भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके हैं और उनके नीति और तानाशाही रवैया से भागलपुर विश्वविद्यालय और मंडल विश्वविद्यालय दोनों परेशान हो गया है आक्रांत हो गया है।
(वि.)
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
April 09, 2026
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