निगरानी के हत्थे 7 हजार रिश्वत लेते चढ़े एसआई की नौकरी बची थी महज 10 महीने

निगरानी विभाग की टीम ने पुरैनी थाना के प्रभारी थाना प्रभारी को रंगे हाथ घूस लेते हुए गिरफ्तार किया. 
रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए निगरानी विभाग के अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना, आसिफ़ इकबाल मेहंदी ने बताया कि औराय गांव के वशिष्ठ विश्वकर्मा ने निगरानी विभाग की टीम को मार्च महीने में ही आवेदन देकर बताया था कि उनका जमीन विवाद का मामला था एसडीएम कोर्ट में, लेकिन प्रभारी थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह के द्वारा जांच नहीं किया जा रहा था. आवेदक को निगरानी विभाग ने सही पाते हुए निगरानी विभाग की टीम ने पुरैनी थाना की घेराबंदी शुरू कर दिया और सात अप्रैल को थाना के निकट ही एक दुकान पर परिवादी से ₹7000 नगद लेते हुए  रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

मिली जानकारी अनुसार थाना अध्यक्ष चंद्रजीत प्रभाकर के अवकाश पर रहने की वजह से सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह प्रभारी थाना अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे. निगरानी टीम में इंस्पेक्टर निजामुद्दीन, इंस्पेक्टर उदय कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, अखिलेश कुमार सिह शामिल थे. 

बता दें कि पुरैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत औराय निवासी बशिष्ट कु. विश्वकर्मा,  पिता-बजेन्द्र शर्मा ने पुरैनी थाना  के सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह पर जाँच प्रतिवेदन के लिए दस हजार रुपया रिश्वत मांगे जाने के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही करने के सम्बन्ध में आवेदन दिया था. 

 वादगत जमीन का बी०एन ०एस एस. की धारा-164 के तहत न्यायालय में सुनवाई हेतु लंबित है. मिली जानकारी क्र अनुसार एस आई अनिल कुमार सिंह बीते अक्टूबर 2025 को पुरैनी थाना में एस आई पद पर योगदान लिया था, सेवानिवृत्ति के लिए मात्र 10 महीने बचे थे. इस कार्रवाई से जनता में न्याय के प्रति उम्मीद जगी है.



निगरानी के हत्थे 7 हजार रिश्वत लेते चढ़े एसआई की नौकरी बची थी महज 10 महीने निगरानी के हत्थे 7 हजार रिश्वत लेते चढ़े एसआई की नौकरी बची थी महज 10 महीने Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on April 07, 2026 Rating: 5

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