वहीं लीफ आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बताया कि पारिवारिक कलह ने हम सबों के बीच से निडर, बेवाक निर्भीक पत्रकार और एक कलम के सच्चे सिपाही को छीन लिया। मधेपुरा जी न्यूज के पत्रकार शंकर सुमन का असामयिक निधन हम सबके लिए गहरा सदमा है। यकीन करना मुश्किल है कि अब उनकी सच्चाई लिखने वाली कलम खामोश हो गई है। यह सिर्फ परिवार नहीं, समाज और पत्रकारिता जगत की भी अपूरणीय क्षति है।
बता दें कि मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के जीतापुर वार्ड नंबर 10 निवासी पत्रकार शंकर कुमार सुमन ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। वहीं जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें पत्नी से पारिवारिक विवाद का जिक्र किया गया है। यह घटना अत्यंत ही दुखद है।
गौरतलब हो कि शंकर कुमार सुमन लंबे समय से पत्रकारिता जगत से जुड़े थे। और जिले में उनकी पहचान एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में थी। वे करीब 20 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे थे तथा सरस सलिल समेत कई प्रमुख अखबार और चैनलों में कार्य कर चुके थे। पिछले 15 वर्षों से वे लगातार जी मीडिया से तथा मधेपुरा टाइम्स से जुड़े रहने के साथ नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष के पद पर रहते हुए पत्रकारों के हित की लड़ाई लड़ रहे थे। हाल ही में उन्हें संगठन का प्रदेश महासचिव बनाया गया था।
मौके पर देशभर में सैकड़ों स्थानीय बुद्धिजीवियों, राजनैतिक हस्तियों व अन्य वरीय पत्रकारों ने भी वरिष्ठ पत्रकार शंकर सुमन के निधन पर शोक व्यक्त करते दो मिनट का मौन रख कर ईश्वर से उनके आत्म शांति की प्रार्थना की हैं।
(वि. सं.)
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
September 22, 2025
Rating:
.jpeg)
No comments: