माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट पर चर्चा
प्रशिक्षकों ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में रटने की बजाय समझने, खोजने और प्रयोग करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण से कक्षा 6 से 8 तक की गणित एवं विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट को ‘दीक्षा पोर्टल’ के माध्यम से लागू करने पर विशेष बल दिया गया।
सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने पर जोर
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने के बजाय प्रोजेक्ट के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर पढ़ाना चाहिए। इससे बच्चों में तर्कशक्ति, समस्या समाधान क्षमता एवं रचनात्मकता का विकास होगा।
सहायक प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार विद्यालय स्तर पर छोटे-छोटे प्रोजेक्ट अपनाकर गणित एवं विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल व रोचक बनाया जा सकता है।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
प्रखंड के मध्य विद्यालय एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में कार्यरत गणित एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कई शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पद्धति से छात्रों की विषय में रुचि और समझ में उल्लेखनीय सुधार होता है।
कार्यशाला का उद्देश्य
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को उन्मुख करना था ताकि वे विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि छात्र भी पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय आनंददायक अनुभव के रूप में ग्रहण करेंगे।कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षकों ने कहा कि शिक्षा के इस नए मॉडल से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और भविष्य में नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आत्मसात कर सकेंगे।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकिशोर यादव, पंकज कुमार यादव, नन्दन कुमार, पीयूस वाजपेयी, लालू कुमार व संजय कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
(रिपोर्ट: मीना कुमारी/ मधेपुरा टाइम्स)
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
August 29, 2025
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