

चर्चित तबला वादक अरविंद कुमार ने स्वतंत्र तबला वादन के ताल रूपक में कायदा हरकत की प्रस्तुति से पूरे दर्शकों की वाहवाही जमकर बटोरी. रविराज ने स्वतंत्र बांसुरी वादन की प्रस्तुति में जैसे ही बांसुरी पर छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल की धुन छेड़ बरबस ही सबका ध्यान ही नहीं खींचा बल्कि कृष्ण को सर्वाधिक प्रिय बांसुरी के महत्व को जेहन में ताजा कर दिया. गांधी कुमार मिस्त्री ने कृष्ण आधारित भजन भज गोविंद गोपाला और मीरा के प्रभु गिरिधर की प्रस्तुति दी. वहीं जिले के कला संस्कृति को बढ़ावा दे रही संस्था प्रांगण रंगमंच की गोविंद बोलो, हरी गोपाल बोलो राधा रमण हरी गोपाल बोलो पर समूह नृत्य की दमदार प्रस्तुति ने पूरे प्रशाल को झूमने को विवश कर दिया. उमेश राम ने कृष्णा न जाए मन से की प्रस्तुति दी. हिमांशु कुमार ने ठुमरी और निखिल के कथक, ओम आंनद के स्वतंत्र तबला वादन की प्रस्तुति से जहां माहौल बदला वहीं सुनीत साना और संतोष के भजन लाज रखो हे कृष्ण मुरारी व उभरती गायिका आरती आंनद ने श्याम चंदा है श्यामा चकोरी बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी भजन की प्रस्तुति ने माहौल को कृष्ण मय बनाया.
पूरे कार्यक्रम में तबले पर अरविंद कुमार, अनिल मिश्रा, हारमोनियम पर प्रो. राजकमल, आलोक कुमार, पैड पर गुलशन, ढोलक पर श्याम, कीबोर्ड पर वीरेंद्र ने संगत किया. मौके पर एनडीसी संजीव कुमार तिवारी, वरीय साहित्यकार डॉ भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी, पृथ्वीराज यदुवंशी, वरीय गायक अरुण कुमार बचन, समाजसेवी शौकत अली, वार्ड पार्षद विनीता भारती, मीडिया प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर सहित प्रशासन से जुड़े कर्मी, जन व संगठन प्रतिनिधि के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रोता मंत्रमुग्ध हो स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति पर अपना स्नेह व आशीर्वाद जमकर लुटाते रहे.
Reviewed by Rakesh Singh
on
November 10, 2022
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