मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र के श्रीनगर पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत करोड़ों रुपये की लागत से बजरंगबली स्थान से श्रीनगर तक लगभग 3 किलोमीटर तक सड़क निर्माण कार्य करा रहे संवेदक विजय भूषण सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने रालोसपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव जोशी के नेतृत्व में योजना स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया.
श्री जोशी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता एवं संवेदक पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त पथ पर संवेदक द्वारा ईट सोलिंग उखाड़ कर ग्रामीणों को तीन से चार प्रति हजार की दर से लगभग तीस हजार ईट को बेच दिया गया तथा वार्ड नंबर 8 में पुलिया निर्माण में प्राक्कलन राशि के विरुद्ध छड़ एवं सीमेंट तथा घटिया ईट का प्रयोग किया गया. यही नहीं, दो जगह डायवर्शन में पाइप के नीचे ढलाई कार्य नहीं कर पत्थर एवं बालू की मात्रा 20 अनुपात 80 के दर से मिला कर रोलर द्वारा दबाया जा रहा है, जो बिलकुल गलत है.
वहीं प्रदर्शनकारियों में ग्रामीण लालदास,गजेंद्र यादव, लखन यादव, योगेंद्र राम, भवन यादव, पूर्व वार्ड सदस्य छोटी मंडल, नेपाल मंडल, पिंकू शाह आदि लोगों ने संवेदक के मनमानी के विरोध में जमकर नारेबाजी की तथा सड़क के निर्माण कार्य में धांधली करने के विरूद्ध जिलाधिकारी से जाँच करने की मांग की है.
जानकारी के अनुसार उक्त पथ पर ग्रामीण कार्य विभाग मधेपुरा द्वारा वर्ष 2016-17 में डीपीआर तैयार कर निविडा की प्रक्रिया अपनाई. इस बीच संवेदक घैलाढ़ के मनरेगा पीओ से मिलकर उक्त पथ पर लगभग 10 लाख रुपये से मिट्टी भराई कार्य करवा लिए तथा घैलाढ़ के मुखिया एवं बीडीओ से मिलकर सात निश्चय के अंतर्गत लगभग 15 लाख की लागत से पीसीसी ढलाई कार्य भी करवा लिए. ताकि इतने की राशि उन्हें बिना काम किए भुगतान हो जाए. वहीं प्रदर्शन स्थल पर रालोसपा के जिला अध्यक्ष डॉक्टर राजीव जोशी ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराते हुए मोबाइल पर सहायक अभियंता अजीत को इसकी जानकारी दी. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि 7 दिसंबर को स्थल का निरीक्षण कर कार्य किया जायेगा अगर उसमें कोई अनियमितता पायी गयी तो उसके विरोध कार्रवाई की जाएगी. वहीं जोशी ने बताया कि इस मामले में 4 दिसंबर 2018 को आयुक्त सहरसा में डीएम मधेपुरा को जांच का आदेश दिए हैं.

श्री जोशी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता एवं संवेदक पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त पथ पर संवेदक द्वारा ईट सोलिंग उखाड़ कर ग्रामीणों को तीन से चार प्रति हजार की दर से लगभग तीस हजार ईट को बेच दिया गया तथा वार्ड नंबर 8 में पुलिया निर्माण में प्राक्कलन राशि के विरुद्ध छड़ एवं सीमेंट तथा घटिया ईट का प्रयोग किया गया. यही नहीं, दो जगह डायवर्शन में पाइप के नीचे ढलाई कार्य नहीं कर पत्थर एवं बालू की मात्रा 20 अनुपात 80 के दर से मिला कर रोलर द्वारा दबाया जा रहा है, जो बिलकुल गलत है.
वहीं प्रदर्शनकारियों में ग्रामीण लालदास,गजेंद्र यादव, लखन यादव, योगेंद्र राम, भवन यादव, पूर्व वार्ड सदस्य छोटी मंडल, नेपाल मंडल, पिंकू शाह आदि लोगों ने संवेदक के मनमानी के विरोध में जमकर नारेबाजी की तथा सड़क के निर्माण कार्य में धांधली करने के विरूद्ध जिलाधिकारी से जाँच करने की मांग की है.
जानकारी के अनुसार उक्त पथ पर ग्रामीण कार्य विभाग मधेपुरा द्वारा वर्ष 2016-17 में डीपीआर तैयार कर निविडा की प्रक्रिया अपनाई. इस बीच संवेदक घैलाढ़ के मनरेगा पीओ से मिलकर उक्त पथ पर लगभग 10 लाख रुपये से मिट्टी भराई कार्य करवा लिए तथा घैलाढ़ के मुखिया एवं बीडीओ से मिलकर सात निश्चय के अंतर्गत लगभग 15 लाख की लागत से पीसीसी ढलाई कार्य भी करवा लिए. ताकि इतने की राशि उन्हें बिना काम किए भुगतान हो जाए. वहीं प्रदर्शन स्थल पर रालोसपा के जिला अध्यक्ष डॉक्टर राजीव जोशी ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराते हुए मोबाइल पर सहायक अभियंता अजीत को इसकी जानकारी दी. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि 7 दिसंबर को स्थल का निरीक्षण कर कार्य किया जायेगा अगर उसमें कोई अनियमितता पायी गयी तो उसके विरोध कार्रवाई की जाएगी. वहीं जोशी ने बताया कि इस मामले में 4 दिसंबर 2018 को आयुक्त सहरसा में डीएम मधेपुरा को जांच का आदेश दिए हैं.

मुख्यमंत्री सड़क योजना में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने किया विरोध
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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December 06, 2018
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