ये किसानों पर दोहरी मार है. नीचे वाले की मार से तो
किसान हमेशा से त्रस्त हैं, सरकारें राशन नहीं भाषण के लिए बनती हैं. अब प्रकृति
और विपदा की मार से किसान हताश हैं.
गर्मी
के आगमन के साथ पछुआ हवा कहर साबित हो रही है. जिले में रोज ही आग से किसानों के
फसल और घर जल कर राख हो रहे हैं और साथ में उनकी किस्मत भी जलकर ख़ाक हो रही है.
मधेपुरा
जिले के गम्हरिया प्रखंड के औराही एकपरहा पंचायत के राजपूत टोला में आज दिन में
अचानक लगी आग ने एक ही परिवार के न सिर्फ दो घरों को जलाया बल्कि सौ बोरा गेहूं,
पचास बोझा अलग से गेहूं की फसल और बीस एकड़ का भूसा भी इस आग में जल कर राख हो गए.
दमकल की
गाड़ी जबतक मधेपुरा जिला मुख्यालय से घटनास्थल पर पहुँचती तब तक भारी क्षति के बाद
पड़ोस के अरूण सिंह, जय किशोर सिंह, ददन सिंह, बिहारी सिंह, मुनमुन सिंह आदि ने आग
पर काबू पा लिया था.
क्षति
से आहत गृहस्वामी सुनील सिंह का कहना था कि पहले से ही क्या हम कम दुःख झेल रहे
थे, जो ऊपर वाले ने हमें ये अथाह दर्द ऊपर से दे दिया है?
गम्हरिया में ‘राजपूत टोला’ में आग का कहर: बुझने के बाद पहुँचती है दमकल
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
April 11, 2015
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