|मुरारी कुमार सिंह|09 मई 2014|
मधेपुरा जिले के फुलौत ओपीक्षेत्र के मोरसंडा पंचायत
के वार्ड नं० 2 में महादलित लड़की के साथ गांव के ही एक युवक के द्वारा दुष्कर्म के
प्रयास की बात सामने आई है.
पुलिस को दिए आवेदन में पीड़िता ने कहा कि वह
अपनी सहेलियों के साथ पोखर से मिटटी लाने गयी थी. पोखर के पास गाँव के ही मो० असफाक
ने घात लगाकर जब सहेलियां थोड़ी दूर निकल गई तब वह दुष्कर्म का प्रयास करने लगा. चिल्लाने
पर सहेलियां दौड़ कर आयी तो असफाक वहाँ से भाग गया. इस बाबत फुलौत ओपी अध्यक्ष का कहना है कि पीड़िता का आवेदन
उन्हें मिला है और मामले की जांच की जा रही है. वहीं पीड़िता के परिजनों के द्वारा ओपीध्यक्ष
पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि दो दिन बीत जाने के बावजूद ओपीध्यक्ष ने मामला
दर्ज नहीं किया है और मामले को दुष्कर्मी से लेनदेन कर दबाने का प्रयास किया जा रहा
है.
क्या ओपीध्यक्ष कर रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का उल्लंघन?: मामला गंभीर है और महादलित लड़की
से जुड़ा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने हाल के एक आदेश में कहा था कि संगीन मामलों
में पहले प्राथमिकी दर्ज कि जानी चाहिए और जांच उसके बाद होनी चाहिए. ऐसे में
ओपीध्यक्ष की ना-नुकुर माननीय उच्चतम न्यायलय के आदेश का उल्लंघन है. पर ये
मधेपुरा पुलिस है, वारदात की नजाकत को देखते हुए भी पुलिस के ऐसे रवैये से प्रतीत होता
है कि न्यायालय इनके अधीन काम कर रही है.
मधेपुरा में महादलित लड़की के साथ दुष्कर्म का प्रयास और मामले को दबाती पुलिस !
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
May 09, 2014
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