आज मधेपुरा में बिजली समस्या को लेकर सीपीआई ने
मधेपुरा बंद किया और रोड जाम कर दिया. अपनी ग्यारह सूत्री मांग जिनमें बिजली
उपभोक्ता एवं बीपीएल परिवारों को बड़ी संख्यां में निर्गत किये गए हजार व लाखों
रूपये के गलत बिजली बिल, शहर में फ्रेंचाइजी प्रथा (24 घंटा बिजली मुहैया होने पर
20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क) बंद किये जाएँ, चाइनीज मीटर लगाने पर रोक एवं वंचित
गाँवों में शीघ्र विद्युतीकरण एवं जले हुए सभी ट्रांसफार्मर, टूटे पोल, जर्जर तार
को पन्द्रह दिन के अंदर बदला जाय, शामिल थे. साथ ही निर्दोष लोगों का आर्थिक शोषण
बंद करने के अलावे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीस घंटा बिजली आपूर्ति बहाल किये
जाएँ. इनके अलावे अन्य कई मांगों को लेकर मधेपुरा बंद एवं चक्का जाम किया गया.
दूकान बंद कराने के दौरान हुई
दुकानदारों से झड़प में एक मोटरसायकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई. दुकानदारों का आरोप था
कि जानबूझकर लूट की नीयत से कुछ बंद कराने वाले दुकान में घुस कर क्षति पहुंचाई
है. जबकि सीपीआई के जिला महामंत्री प्रमोद प्रभाकर ने पूछने पर बताया कि यदि किसी
असामाजिक तत्व ने उनके जुलूस में घुसकर ऐसी हरकत की है तो हमें खेद है. कम्यूनिस्ट
पार्टी शांतिप्रिय पार्टी है.
बंद
समर्थकों ने आज सुबह से ही लाल झंडे, बैनर, ढोल नगारों के साथ शहर के मुख्य मार्ग
पर फ्लैग मार्च करना शुरू कर दिया. भाकपा के कार्यकर्ताओं ने जहाँ कर्पूरी चौक और
कॉलेज चौक को जाम कर यातायात बाधित कर दिया वहीं प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन पर
पहुँच कर मधेपुरा-सहरसा पैसेंजर ट्रेन को घंटों रोक दिया. मधेपुरा बंद की
अध्यक्षता भाकपा के वरीय नेता टूकेंदर यादव ने की, जबकि बंद एवं जनाक्रोश मार्च
में भाकपा नेता मोती सिंह, मो० चाँद, दिनेश्वर प्रसाद सिंह, रमण कुमार पिंटू समेत
सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
देखना दिलचस्प होगा कि इन
आन्दोलनों से विद्युत तथा सम्बंधित विभाग पर कितना असर पड़ता है और इन नेताओं की
मांगे मानी जाती है या नहीं.
बंद और झड़प का वीडियो देखने के लिए
यहाँ क्लिक करें.
भाकपा के मधेपुरा बंद का व्यापक असर, रेल और रोड को किया जाम,बंद समर्थकों और दुकानदारों में झड़प
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
February 13, 2014
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