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| पीडिता पूजा |
संवाददाता/09 अगस्त 2012
पिछले सात जून को एक बार पहले भी जनता दरबार में आ
चुकी मुरसंडी पुरैनी की पीड़िता लड़की पूजा के तेवर आज कुछ तल्ख़ थे और जनता दरबार के
पदाधिकारियों को उसने सच से भी सामना करा दिया.2008 की कुसहा त्रासदी में पूजा का
घर बर्बाद हो गया था पर उससे पहले ही वर्ष 2006 में गरीब पूजा के पिता का नाम
बीपीएल से एपीएल में दर्ज हो गया था.गरीबी की मार झेल रही पूजा ने जिलाधिकारी की
जनता दरबार में जून में मदद की गुहार लगायी थी,पर अब तक कोई समाधान नहीं निकलते
देख पूजा आज फिर जनता दरबार ही आयी.
जिलाधिकारी तबतक उठ चुके थे और मोर्चा संभालने की कोशिश में थे डीडीसी
श्रवण कुमार पंसारी.पूजा ने साफ़ शब्दों में डीडीसी से कहा कि आपलोग थोड़ा दिमाग
लगाईयेगा न, तो दिन रात में बदल जाएगा और रात दिन में.जब डीडीसी ने पूजा का नाम
बीपीएल में दर्ज करवाने में खुद की असमर्थता दर्शाते हुए कहा कि ये पॉवर अनुमंडल
को है तो पूजा ने कहा कि सब पॉवर उसी लोग को दे दिए हैं तो आपलोग यहाँ क्या कर रहे
हैं?
पूजा के
जवाबों से त्रस्त डीडीसी ने एसडीओ को फोन कर यहाँ तक कह डाला कि इसे महादलित में
डलवाने की कोशिश कीजियेगा.इस पर सिविल सर्जन ने कहा कि इसकी जाति और धर्म कैसे
बदलवा दीजियेगा.तब डीडीसी ने फिर एसडीओ से कहा कि मैं इसे सारे कागजात के साथ आपके
पास भेज देता हूँ आप इसकी मदद कीजियेगा.
मौके पर
बाकी पदाधिकारी हँसते रहे और एक बार सिविल सर्जन के फिर कुछ बोलने पर डीडीसी ने
कहा कि आपलोग शांत रहिये और हमें हमारा काम करने दीजिए.
जनता
दरबार से लौटकर पूजा फिर बिना कोई स्पष्ट आदेश के उन्हीं पदाधिकारियों के पास जा
रही है जिन्होंने पूजा का काम नहीं किया था.पूजा की समस्या का कितना हल निकल
पायेगा ये तो आगे के उस जनता दरबार में ही पता चलेगा जिसमें गुहार लगाने फिर पूजा
पहुंचेगी.छ: साल से दौड़ती पूजा शायद आगे भी जिला प्रशासन के पास तबतक भटकती रहेगी
जब तक कि वह थक कर बैठ न जाए.

1 टिप्पणी:
Is ladki mein guts hain..Aise hi sare log majboot ho jayenge toh sare officer kam karne langenge..
thanks to janta darbar ,,,ye sab batein sab ke samne aa rahi hain ..warna kuch pata bhi nahi chalta
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