विधान पार्षद ने कोशी क्षेत्र की पुरानी शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए महिषी में जगतगुरु शंकराचार्य के साथ विदुषी भारती एवं मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ की चर्चा की। महान लेखक राजकमल चौधरी,साहित्यकार मायानंद मिश्र, साहित्य अकादमी पुरस्कृत शेफालिका वर्मा एवं महेन्द्र मिश्र सहित मधेपुरा के भूपेन्द्र नारायण मंडल तथा संविधान सभा के सदस्य के पी मंडल की चर्चा की। डाॅ सिंह ने हाल ही में सुपौल में मिली दुर्लभ प्राचीण पांडुलिपी की चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि कोशी क्षेत्र के शैक्षणिक विरासत को सहेजने की जरुरत है।सदन में एमएलसी ने बिहार और कोशी क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थानों को डिग्री बांटने की मशीन करार दिया।साथ ही शैक्षणिक गिरावट की चर्चा की।
डाॅ सिंह ने कहा कि कोशी क्षेत्र की साक्षरता प्रतिशत और नीति आयोगमल्टी डायमेंशनल पाॅवर्टी गरीबी रिपोर्ट का ब्योरा देते हुए सदन में कहा कि यहां के बहुसंख्यक छात्र अपनी आर्थिक स्थिति के कारण देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंच पाते हैं। इस क्षेत्र में केन्द्रीय विवि के खुलने से कोशी व सीमांचल के आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल पाएगी। बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर ने जबाव देते हुए कहा कि अभी इस आशय का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, लेकिन राज्य सरकार सहानुभूति पूर्वक इस पर विचार करेगी।
Reviewed by Rakesh Singh
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July 29, 2026
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