राकेश सिंह/२९ अप्रैल २०१२
नगर परिषद् चुनाव का मुद्दा अभी सबसे गर्म
है.मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र के सभी २६ वार्ड की यदि बात करें तो अधिकाँश
प्रत्याशी अभी वार्ड कमिश्नर बनने के लिए ही जोड़-तोड़ कर रहे हैं पर निवर्तमान नगर
परिषद् अध्यक्ष विजय यादव जहाँ अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त दिखते हैं वहीं
वे फिर से चेयरमैन बनने के प्रति भी आत्मविश्वास दिखलाते हैं. विजय कहते हैं कि
उनका पिछला कार्यकाल संतोषप्रद रहा है.उन्होंने मधेपुरा शहर के विकास के लिए कई
काम किये हैं जो जनता के सामने है.अभी नगर परिषद् में कई मशीनें हैं जिनसे यहाँ की
जनता को बहुत ही सुविधा मिल सकी है.यदि कुछ कामों में कमी रह गयी है तो वो नगर
परिषद् की संरचना के कारण जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी और नगर परिषद् अध्यक्ष के
अधिकारों में नियमों के तहत ही टकराहट पैदा कर दी गयी है.उन्होंने विकास के बहुत
सारे कामों को आगे बढाने का प्रयास किया था जिसे विभाग के अधिकारियों ने
दूसरी दिशा प्रदान कर दी जिससे विकास का काम बाधित हुआ.अपने कार्यकाल में किये गए
कार्यों के बारे में वे बताते हैं कि मधेपुरा का कोई भी ऐसा मोहल्ला नहीं बचा है
जहाँ कम से कम एक भी नाले का निर्माण उनके सौजन्य से नहीं कराया गया हो.अपने ऊपर लगाए गए
आरोपों को सिरे से खारीज करते हुए विजय यादव कहते हैं कि स्लम विकास योजना में कोई
अनियमितता नहीं बरती गयी क्योंकि इसका निर्धारण कई पदाधिकारियों द्वारा किया गया
था और जो वार्ड प्रलयंकारी बाढ़ में ज्यादा बर्बाद हुआ था उन्हीं से ये शुरू किया
गया था.अपने विरोधियों पर प्रहार करते हुए वे कहते हैं कि उन्हीं लोगों के द्वारा
उनके खिलाफ में अफवाहें उड़ाई जाती रही हैं.पर जल्द ही न्यायालय का फैसला होने के
बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.पहले चरण में उन्हीं के प्रयास से ३१९ और
दूसरे चरण में ७७६ लोगों का घर बना है.
अपनी जीत
के प्रति आश्वस्त विजय कहते हैं कि जनता का उनपर पूरा भरोसा अभी कायम है और इस बार
जीतने के बाद वे मधेपुरा के विकास के लिए बचे हुए काम को पूरा करेंगे.

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