जिले में मौसम की अनिश्चितता से लोग परेशान हैं.ठंढ में कभी थोड़ी से कमी आती है और लोग जैसे ही राहत की सांस लेते हैं कि फिर अचानक से ठंढ बढ़ जाती है.स्थिति ये है कि ठंढ के कारण बीमार पड़ने वालों की संख्यां में भी इजाफा दर्ज किया जा रहा है.कल दिन की हलकी धूप के बाद लोगों ने सोचा कि शायद अब ठंढ से राहत मिल सके,पर रात से ठंढ में अप्रत्याशित रूप से बढोतरी हो गई.सुबह अभी आठ बजे का आलम यह है कि सड़कों पर लोगों की उपस्थिति नाम मात्र है.लोग चाय की दुकानों पर ठिठुरे खड़े हैं और वाहनों को अभी भी लाईट जलाकर चलना पड़ रहा है ताकि सामने से आनेवाली दूसरी सवारी इन्हें देख सकें और दुर्घटना होने से बचा जा सके.
और इस बढ़ी हुई ठण्ड से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को है जिन्हें इस मौसम में भी स्कूल जाना पड़ रहा है.आम लोग कहते हुए सुने जा रहे हैं कि ये ठंढ अब लगता है मकर संक्रांति तक रहेगा ही.
कुहासे में फिर लिपटा मधेपुरा,बढ़ी ठंढ
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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January 07, 2012
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