भाकपा की 'बदलाव जरूरी है, रैली की तैयारी जोरों पर, आठवें दिन पदयात्रा

 01 सितंबर को भाकपा की 'बदलाव जरूरी है' रैली की तैयारी के  मद्देनजर 6 अगस्त से जारी  राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के आठवें दिन मधेपुरा प्रखण्ड के खोपैती पहुंची पदयात्रा. पदयात्रा मुड़बल्ला उत्तरबारी से निकलकर दलित टोला, बाबुआनटोला, कोशी कॉलोनी होते उच्च विद्याल खोपैैती तक पहुंची.

 पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ,अंचल मंत्री व पूर्व मुखिया बाल किशोर यादव आदि कर रहे थे।

 उच्च विद्यालय खोपैती के समक्ष उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आज देश में अघोषित आपातकाल है ,संविधान की धज्जियां  उड़ाई जा रही है और लोकतंत्र कुचले जा रहे हैं ।

 उन्होंने कहा कि आजाद भारत में देशवासी सबसे  बूरे  दौर से गुजर रहे हैं, देश में 20 करोड़ लोग खुले आकाश के नीचे सोने को विवस हैं, 65% संपत्तियों पर 10% पूंजीपतियों का कब्जा है, आरबीआई के अनुसार 762.8 अरब अमेरिकी डॉलर भारत पर विदेशी कर्ज है ,प्रति व्यक्ति कर्ज 4.8 लाख रुपया है, स्विस बैंक में 36.793 करोड़ भारतीय उद्योगपतियों एवं भ्रष्ट नेताओं का काला धन जमा है । उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोल बाउंड में लिए गए अकूत राशि एवं एपिस्टिन फाइल का जवाब पीएम मोदी के पास नहीं है। 

भाकपा नेता ने कहा कि काला धन की वापसी, नोट बंदी करने,सबके खाते में 15 लाख रुपये देने, प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौजवानों को रोजगार देने, किसानों की आमदनी दोगुनी करने एवं अच्छे दिन लाने की घोषणा एक छलावा बन कर रहा गया. उन्होंने कहा कि देश में बदलाव जरूरी है, 01 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में भाकपा की रैली है, हजारों हजार की संख्या में दिल्ली चलें.

भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि बिहार की वर्तमान डबल इंजन की सरकार में कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं है, बिहार में अपराधियों का तांडव जारी है। उन्होंने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया, अफसर शाह सर पर चढ़कर बोल रहा है ,विकास योजनाओं की लूट मची है, भूमिहीनों को वासगीत परचा, किसानों के फसल का दाम ,बेकारों को काम इस सरकार में संभव नहीं है l इसलिए 1 सितंबर को  भाकपा की बदलाव रैली में भाग लेने दिल्ली चलें.

भाकपा के अंचल मंत्री बाल किशोर यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार मजदूरों और किसानों की नहीं, पूंजीपतियों की है।  उन्होंने कहा कि इनके सरकार में दलितों, महिलाओं एवं अकलियतों का दमन एवं शोषण जारी है. छात्रों पर लाठियां बरसाई जाती है, किसान और नौजवान बड़ी संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं. इस सरकार को बने रहने का कोई अधिकार नहीं.

पदयात्रा कार्यक्रम में भाकपा नेता सुरेंद्र साह, अनिरुद्ध भगत, दिनेश सादा ,संतोष कुमार यादव, हरि बोल सादा, सुरेंद्र राय, सूरज कुमार, सिवन सादा, अमित कुमार, शंकर मुखिया ,आशीर्वाद कुमार, सौरभ कुमार, राहुल कुमार, शुभंकर भगत आदि शामिल थे.

भाकपा की 'बदलाव जरूरी है, रैली की तैयारी जोरों पर, आठवें दिन पदयात्रा भाकपा की 'बदलाव जरूरी है, रैली की तैयारी जोरों पर, आठवें दिन पदयात्रा Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on August 13, 2026 Rating: 5

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