हथियार का भय दिखाकर रूपये लूटने के मामले में दोषी को छः साल की सजा

हथियार का भय दिखाकर दूकान में घुसकर एक खाद व्यापारी से रूपये लूट लेने के एक मामले में मधेपुरा की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नूतन कुमारी की अदालत ने  शंकरपुर नवटोलिया निवासी राकेश कुमार को छः साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. 

मामला शंकरपुर थाने से जुड़ा हुआ है. कांड के सूचक शंकरपुर प्रखंड के हरोलवा निवासी सुरेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार के शंकरपुर बाजार में राधा किसान सेवा केंद्र के  नाम से खाद बीज की दूकान चलाते है. दिनांक 30.01.2023 को शाम के करीब छह बजे शंकरपुर नवटोलिया निवासी राकेश कुमार चार पहिया वाहन से आया और उसके दूकान के सामने वाहन लगा दिया. उसके बाद दूकान में घुसकर पिस्टल उसके कान में सटा दिया और एक लाख रूपया रंगदारी मांगने लगा और उसने मेरे पेंट की जेब में रखे 25 हजार रूपये निकाल लिया और मेरे साथ गाली गलौज किया. घटना दूकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया, जिसे सूचक ने पेन ड्राइव में पलिस को सुपुर्द कर दिया था.

इस मामले में सूचक ने शंकरपुर थाना कांड20/23 दिनांक 01/02/23 को भा द वि की धारा 386, 384, 504, 506 एवं 27 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज करावाया. बाद में शंकरपुर पुलिस ने राकेश कुमार को हथियार के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया.

ट्राइल के दौरान न्यायालय ने दिनांक 18.03.2024 को अभियुक्त के विरूद्ध भा.द.वि  की धारा 386, 384, 504, 506 एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत आरोप तय किया. अभियोजन के पक्ष की तरफ स सात गवाहों ने गवाही दी तथा सभी ने अपनी गवाही में घटना की पुष्टि की. अभियोजन के पक्ष से प्रस्तुत पेन ड्राइव से घटना की पूर्ण रूप से पुष्टि  हुई. अनुसंधानकर्ता सियावर मंडल ने अपनी गवाही में बताया कि अभियुक्त के विरूद्ध चार और आपराधिक मामले है. सूचक ने अपनी गवाही में 25 हजार रूपये  निकालने की बात की. जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई. 

घटना के तथ्यों एवं गवाहों की गवाही के अवलोकन करने के बाद अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की अदालत ने यह पाया कि अभियुक्त को दी जाने वाली सजा तीन वर्ष  से उपर है और न्यायालय को तीन वर्ष तक की ही सजा देने का ही अधिकार है तो वाद को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सजा बिंदु पर  सुनवाई के लिये भेजा गया.

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में उस समय राज्य की ओर से बहस अभियोजन पदाधिकारी सृष्टि कुमारी कर रहीं थी । मामले में बचाव पक्ष की ओर  से बहस सुरेंद्र मोहन सिंह एवं राज्य की ओर से बहस अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी ओमप्रकाश सिंह कर रहे थे। 

मधेपुरा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त को धारा 386 में छः वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं 10000 /रुपए अर्थदंड, धारा 384 में तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा एवं 5000 / रुपये अर्थदंड , धारा 504 में एक वर्ष की सजा एवं 2000/ रूपए अर्थदंड, धारा 506 में दो वर्ष की सजा एवं 1000/ रुपए अर्थदंड एवं 27 शस्त्र अधिनियम में तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई । सभी सजायें साथ साथ चलने का निर्णय सुनाया गया.

(विधि संवाददाता)

हथियार का भय दिखाकर रूपये लूटने के मामले में दोषी को छः साल की सजा हथियार का भय दिखाकर रूपये लूटने के मामले में दोषी को छः साल की सजा Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on September 28, 2025 Rating: 5

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