बच्चों का चेहरा देखकर करें वोट, बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली-छठ होगी : प्रशांत किशोर

मधेपुरा, 19 अगस्त। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ‘बिहार बदलाव यात्रा’ मंगलवार को मधेपुरा जिले के मुरलीगंज पहुंची। पड़वा नवटोल हाई स्कूल मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की जनता नेताओं के चेहरे पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर वोट करे।

प्रशांत किशोर ने कहा कि वह पिछले तीन सालों से गांव-गांव घूम रहे हैं और लोगों की परेशानियां सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने 56 इंच सीना देखकर वोट दिया, लेकिन आज बच्चों की हालत इतनी खराब है कि उन्हें तन पर सही कपड़ा और पैरों में चप्पल तक नसीब नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी नेता जनता के बच्चों की चिंता नहीं करेगा, इसलिए लोगों को खुद अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

प्रशांत किशोर ने कहा कि दिसंबर 2025 से बिहार में 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं होता, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों की निजी स्कूल की फीस सरकार देगी, ताकि गरीब बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

उन्होंने वादा किया कि इस बार दिवाली और छठ बिहार की बदहाली की आखिरी होगी। छठ के बाद बिहार के युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राज्य में ही 50 लाख युवाओं को 10-12 हजार रुपये मासिक का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

बच्चों का चेहरा देखकर करें वोट, बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली-छठ होगी : प्रशांत किशोर बच्चों का चेहरा देखकर करें वोट, बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली-छठ होगी : प्रशांत किशोर Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on August 19, 2025 Rating: 5

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