भगवान कृष्ण के जन्म दिवस को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं भगवान कृष्ण के भक्त इस दिन को बहुत भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इस त्योहार को देवत्व, प्रेम और धार्मिकता के प्रतीक के रूप में भी जाना है। जन्माष्टमी का इतिहास 5,200 साल से भी पुराना है, जो इसे सबसे पुराने लगातार मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक बनाता है।
पंडित के रूप में कृष्ण क्रांति संघ के संरक्षक सह भेलवा के मुखिया परमेश्वरी प्रसाद यादव के द्वारा विधि विधान से पूजा को सम्पन्न कराया गया। संध्या में स्थानीय कलाकारों सुरेश कुमार शशि, पंकज कुमार एवं उमेश कुमार द्वारा भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। मध्य रात्रि को यजमान किशोर कुमार यादव एवं उनकी पत्नी द्वारा पूजा-पाठ प्रारम्भ किया गया और 12 बजे रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माता बहन एवं भगवान कृष्ण के भक्तजन उपस्थित होकर जयकारे लगा रहे थे। पूजा उपरांत भक्तजनों को महाप्रसाद खीर एवं बुनिया का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर कृष्ण क्रांति संघ के अध्यक्ष अजय प्रसाद एवं श्रीकृष्ण सेना अध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि बहुत जल्द गीता पाठ का आयोजन मंदिर परिसर में शुरुआत की जाएगी।
इस अवसर पर मंदिर निर्माण समिति के संरक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, अध्यक्ष अजय प्रसाद, उपाध्यक्ष किशोर कुमार, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार, राकेश भारती, श्रीकृष्ण सेना अध्यक्ष राहुल यादव, भाजपा जिला मंत्री डॉ. अंकेश गोप, अरविंद अकेला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार, नवीन कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन एवं भक्तजन उपस्थित रहे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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August 17, 2025
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