24 मार्च 2018

विश्व यक्ष्मा दिवस पर जागरूकता रैली व कार्यशाला आयोजित

मधेपुरा में विश्व यक्षमा दिवस पर शनिवार को सदर अस्पताल परिसर से एक जागरूकता रैली निकाली गई और सीएस डा० गदाधर प्रसाद पांडेय ने रैली को हरी झंडी दिखाकर कर रवाना किया ।


रैली शहर का भ्रमण कर पुनः सदर अस्पताल मे समाप्त हो गया । रैली टीबी रोग से चाव को लेकर नारे लगाये और मुफ्त इलाज व दवा की बात बताई । रैली में आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य कर्मी के साथ साथ स्काउट एण्ड गाइड के छात्र शामिल थे । इस मौके पर डीएस डा० अखिलेश कुमार, डा० फूल कुमार, डीपीएम आलोक कुमार, नवनीत चन्द्रा, भूपेन्द्र प्रसाद मधेपुरी, मो० शौकत अली, राकेश कुमार, योगेश कुमार, सपना कुमारी, विजय कुमार, विवेक कुमार, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, तेजेन्द्र कुमार, गौतम कुमार, मो नसीम अख्तर, सुनील कुमार आदि उपस्थित थे ।

दूसरी तरफ यक्ष्मा विभाग द्वारा  टीबी रोग को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता सीएस डा० गधाधर प्रसाद पांडेय ने किया ।
 
सीएस डा० पांडेय ने
टीबी रोग के इतिहास पर चर्चा करते कहा कि भारत की कुल का 40 प्रतिशत आबादी में टी वी के जीवाणु पाये जाते हैं प्रति वर्ष भारत मे 1,98 मिलियन टीबी के नये रोगी जुड़ते है। नये और पुराने  केस को जोड़कर यह जन्म संख्या बढ़कर 2,18 मिलियन हो जाता है और प्रति वर्ष 2,76 लाख रोगी की मृत्यु टीवी से होता । भारत विश्व की तुलना मे भारत की स्थिति 1/5 आंकी गयी है । टीबी रोग से ग्रसित विश्व के 22 देशो मे भारत का 17 वां स्थान है । भारत में  प्रति दिन टीबी रोग से 1000 व्यक्ति की मृत्यु होती है और प्रति तीन मिनट 2 व्यक्ति की मृत्यु होती है 
उन्होने कहा कि टीबी रोग को रोकथाम के सरकार ने मुफ्त जांच और मुफ्त दवा और नियमित दवा खिलाने के लिए व्यवस्था की है । डॉ. एच एन प्रसाद ने कहा कि टीबी लाइलाज रोग नहीं  है, सरकार ने रोगियों को नियमित दवा खिलाने के  आशा कार्यकर्ता की व्यवस्था की है. नियमित दवा खाने रोग पूरी समाप्त होता है । उन्होने कहा कि सरकार ने रोगियो को मुफ्त  दवा की व्यस्था की है ।

उन्होने टीबी रोग का लक्षण कर कहा कि टीवी रोग के लक्षण मे व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह तक खांसी होना ,खांसी के साथ वलगम आना साथ ही वलगम मे खुन आना ,संध्या के समय बुखार लगना, शरीर का वजन कम होना और भूख कम लगना शामिल है ।

उन्होने रोग से चाव पर चर्चा करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति में रोग का लक्षण पाया जाय उसे नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर उसकी मुफ्त इलाज करावें. अगर रोग पाया जाता है तो ऐसे रोगी को खाने और छीकने के समतल मुंह पर रूमाल या कपड़ा रखना चाहिए ,एसे व्यक्ति से छोटे बच्चे को दूर रखना चाहिए ।

इस मौके पर डा० शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, डा० अखिलेश कुमार,  डा० अशोक कुमार वर्मा, भूपेन्द्र प्रसाद  मधेपुरी, शौकत अली आदि ने विचार व्यक्त किया ।

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