


अपराध
के मामले में इलाके का सबसे खतरनाक क्षेत्र दियारा के मधेपुरा में पड़ने वाले
पुरैनी, रतवारा, चौसा, आलमनगर आदि के क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में कमी सी
दिख रही है. कारण कई बताये जाते हैं. पिछले सालों में इलाके के कई कुख्यात या तो
गैंगवार में मौत की भेंट चढ़ चुके या फिर मधेपुरा पुलिस ने उन्हें सलाखों के पीछे
धकेल दिया है.
दियारा
का एक महत्वपूर्ण माना जाने वाले रतवारा में इन दिनों सबसे खास बात तो यह है कि
अपराधियों की गतिविधियां कम होने के बाद भी पुलिस की सक्रियता कम नहीं हुई है.
इलाके में मधेपुरा पुलिस की गश्ती जारी है. और जैसे ही कहीं किसी अपराधी के होने की
सूचना मिलती है पुलिस की टीम अक्सर पलक झपकते ही वहाँ पहुँचने लगी है.
रतवारा
थानाध्यक्ष महेश यादव बताते हैं कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए चौकसी और भी बढ़ा दी
गई है. कल भी गुप्त सूचना मिली कि नौगछिया नारायणपुर बॉर्डर के पास अपराधी किसी
बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. जानकारी मिलते ही रतवारा पुलिस ने
सघन छापेमारी शुरू कर दी. बताया गया कि पुलिस के आने की सूचना पाकर अपराधी भाग गए.
थानाध्यक्ष बताते हैं कि उनकी टीम के कमांडो रविन्द्र कुमार, बिक्रम कुमार, हवलदार
मिराज खान, ईश्वर दयाल ठाकुर, राजीव रंजन, सरोज पासवान, कोमल पासवान से लेकर
चौकीदार पंकज तक हमेशा पूरे फॉर्म में रहते हैं ताकि किसी भी अंदेशे को देखते हुए
अपराधियों से मुकाबले के लिए तैयार रहें.
दियारा में गरजती अपराधियों की बंदूकें पड़ी शांत: लगा पुलिस का पहरा
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
January 24, 2015
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