इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार ने दो अंचलाधिकारी वंदना कुमारी दो, पंचायती राज पदाधिकारी दीपक कुमार ने दो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललन कुमार ने एक स्वास्थ्य प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा ने एक बीसीएम संतोष कुमार ने एक तथा लेखापाल राजीव कुमार ने एक टीबी मरीज को गोद लिया। सभी निक्षय मित्रों ने मरीजों के इलाज की अवधि तक हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी मरीजों को पौष्टिक आहार सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही नियमित रूप से दवा लेने संतुलित भोजन करने और चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललन कुमार ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर जांच, नियमित दवा और पर्याप्त पोषण से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को निक्षय मित्र बनकर आगे आना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर सहयोग मिल सके और देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द पूरा हो।
कार्यक्रम में वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक मोहम्मद जुबेर ने कहा कि टीबी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करना जरूरी है। जागरूकता समय पर जांच नियमित इलाज और सामुदायिक सहयोग से ही टीबी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों से अपील की गई कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और टीबी मरीजों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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July 03, 2026
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