कार्यक्रम में उपस्थित नवनियुक्त विभाग संयोजक नवनीत सम्राट ने बताया कि विश्वविद्यालय अधिनियम में प्रत्येक माह सिंडिकेट की बैठक आयोजित करने का प्रावधान है। लेकिन वर्तमान कुलपति ने इसे कभी भी गंभीरता से नहीं लिया है। अभी वे राजभवन के दवाब में आनन-फानन में ऑनलाइन बैठक आयोजित कर आपने काले-कारनामों पर पर्दा डालना चाह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति प्रो. बी. एस. झा द्वारा लगातार नियमों- परिनियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अतः कुलपति को अविलंब पदमुक्त किया जाए, इनके द्वारा छात्रों एवं शिक्षकों पर किए गए अन्यायपूर्ण कार्रवाई को रद्द किया जाए और इनके कार्यकाल में हुए सभी वित्तीय लेनदेन (भ्रष्टाचार) की उच्चस्तरीय जाँच हो।
नगर मंत्री अंकित कुमार आनंद ने कहा कि गत दिनों कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। छात्रहित एवं विश्वविद्यालय हित में आवाज उठाने के कारण कुलपति ने परिषद से जुड़े शिक्षकों का दंडात्मक स्थानांतरण किया है।
उन्होंने मांग की कि सिंडिकेट में विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का निलंबन रद्द करने, उन पर दायर मुकदमे वापस लेने और शिक्षकों दंडात्मक स्थानांतरण वापस लेने का निर्णय लिया जाए। इसके साथ ही कुलपति द्वारा यूएमआईएस एवं अन्य मामलों में किए गए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
इस अवसर पर नगर सह मंत्री अंशु कुमार, अभिषेक आंनद, सूरज कुमार, अंकित कुमार, सोनु कुमार, राजू सोनी, दीपक कुमार, सत्यम कुमार, सुशांत कुमार आदि उपस्थित थे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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June 29, 2026
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