जीविका दीदियों का आरोप था कि उन्हें घर से बुलाकर सड़क पर खड़ा कर दिया गया, लेकिन बस की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। कई घंटे इंतजार के बावजूद बस नहीं पहुंची और मौके पर मौजूद जिम्मेदार टीम लीडर भी फरार हो गए। इससे नाराज होकर महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान भारी बारिश भी हुई, लेकिन आक्रोशित महिलाएं डटी रहीं।
सूचना मिलते ही जानकीनगर और मुरलीगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, शुरुआती दौर में महिलाएं मानने को तैयार नहीं हुईं। इसी बीच बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंचे और उन्होंने पहल कर आक्रोशित महिलाओं को समझाया। इसके बाद प्रशासन ने दूसरी बस की व्यवस्था कर महिलाओं को रैली स्थल के लिए भेजा। करीब सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला यह जाम स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। घंटों यातायात ठप रहने से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मामले में मुरलीगंज थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि बस ड्राइवर की मनमानी के कारण समय पर बस उपलब्ध नहीं हो पाई थी। इसके चलते महिलाओं ने आक्रोश में सड़क जाम कर दिया। बाद में अतिरिक्त बस उपलब्ध करवाई गई और जाम समाप्त कराया गया। इस घटना ने प्रशासनिक अव्यवस्था को उजागर कर दिया, वहीं महिलाओं के आक्रोश ने रैली प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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September 15, 2025
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