जिले में इन फर्जी वेकेंसी को भरने के लिए अफरा-तफरी मची है. डाक विभाग के अधिकारी की माने तो अब तक 20 हजार से अधिक आवेदक इस फर्जी वेकेंसी के लिए आवेदन कर चुके हैं. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और मानव अधिकार सेवा शक्ति द्वारा 70 हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार का झांसा देने वाले आवेदन को जमा करने के लिए बिहार के अन्य जिलों सहित मधेपुरा के डाक घरों में भी काफी भीड़ देखी जा रही है. छात्र आवेदन जमा कर रहे हैं यदि कोई इसे गलत भी बताता है तो लोग उसे स्वीकार नहीं करते.
सुनील कुमार, पोस्टमास्टर, मुख्य डाक घर, मधेपुरा के द्वारा बताया गया कि आवेदकों की भीड़ से अफरातफरी का माहौल है और अनुमान है कि अब तक २० हजार से अधिक बेरोजगार इस फॉर्म को भर चुके हैं.
इस सम्बन्ध में जब कल मधेपुरा के डीएम मो० सोहैल को सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल आवेदन फॉर्म बेचने वाले दुकानों पर छापेमारी कर फॉर्म को नष्ट करवाया. आज भी कई दुकानों पर फॉर्म मिलने की सूचना पर डीएम ने दुकान को सील कर एफआईआर करने का निर्देश सम्बंधित बीडीओ को दिया है.
मिथिला की प्रसिद्ध कहावत है कि लोभी के गाँव में ठग उपवास पर नहीं रहता. समय समय पर ऐसे ठग लोगों की मज़बूरी का फायदा उठा कर शोषण करते रहते हैं. सरकार रोजगार सृजन के कई कार्यक्रम चलाती है. दावा भी करती है कि बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा लेकिन डाक घर का यह नजारा सरकार के दावे की हकीकत बयां करती है.
इस वीडियो में देखें भीड़ का नजारा और सुनें क्या कहा डीएम ने, यहाँ क्लिक करें.
(रिपोर्ट: मुरारी सिंह)
फर्जी वेकेंसी पर मारामारी: डीएम ने दिए फॉर्म बेचने वालों पर एफआईआर के आदेश
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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February 06, 2016
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