मधेपुरा पुरैनी प्रखंड के अम्बेदकर चौक के कैलास सिंह की बारह वर्षीया पुत्री मीना कुमारी अभी तक ये नही समझ पाई कि उसकी जिंदगी बर्बाद होकर रह गयी है.घर के ही बगल के दो युवकों ने जो कुकृत्य उसके साथ किया वो ज्यादा लिखने के भी लायक नही है.पड़ोस के ये युवक घर के लोगों को विश्वास में लेकर मीना के साथ पहले तो भाई बहन का सम्बन्ध बनाया.गरीबी की मार ने मीना के माता-पिता को
मजदूरी कर खाने को लाचार कर दिया था. जब मीना के माता पिता काम पर मजदूरी करने चले जाते तो वे दोनों मीना का यौन शोषण करते थे.उन्होंने इस मासूम को यह कहकर डरा भी दिया कि इसकी चर्चा कहीं करोगी तो हम तुम्हारे माँ-बाप को जान से मार देंगे.मीना इतनी नादान थी कि वो तो समझ नही पा रही थी कि मुहबोला भैया उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है.इसी बीच बारह साल की मीना गर्भवती हो गयी. सात माह तक समझ में नही आया कि इसके क्या परिणाम हो सकते हैं.पर एक दिन मीना ने सारी बातें अपनी माँ को कहा तो उनके पाँव तले जमीन खिसकती हुई नजर आयी.पिता ने गाँव में पंचायत भी बिठायी पर उन दोनों युवकों ने पंचायत को नही माना. माँ कंचन देवी कहती है कि पड़ोस का सम्बन्ध बनाकर उन दोनों ने बहुत बड़ा विश्वासघातऔर अत्याचार किया है.पंचायत में कोई ठोस निर्णय नही होने पर पिता ने पुरैनी थाना में इस बाबत एफआईआर दर्ज कराया तब जाकर पुलिस ने दोनों वहशी के विरूद्ध बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
मजदूरी कर खाने को लाचार कर दिया था. जब मीना के माता पिता काम पर मजदूरी करने चले जाते तो वे दोनों मीना का यौन शोषण करते थे.उन्होंने इस मासूम को यह कहकर डरा भी दिया कि इसकी चर्चा कहीं करोगी तो हम तुम्हारे माँ-बाप को जान से मार देंगे.मीना इतनी नादान थी कि वो तो समझ नही पा रही थी कि मुहबोला भैया उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है.इसी बीच बारह साल की मीना गर्भवती हो गयी. सात माह तक समझ में नही आया कि इसके क्या परिणाम हो सकते हैं.पर एक दिन मीना ने सारी बातें अपनी माँ को कहा तो उनके पाँव तले जमीन खिसकती हुई नजर आयी.पिता ने गाँव में पंचायत भी बिठायी पर उन दोनों युवकों ने पंचायत को नही माना. माँ कंचन देवी कहती है कि पड़ोस का सम्बन्ध बनाकर उन दोनों ने बहुत बड़ा विश्वासघातऔर अत्याचार किया है.पंचायत में कोई ठोस निर्णय नही होने पर पिता ने पुरैनी थाना में इस बाबत एफआईआर दर्ज कराया तब जाकर पुलिस ने दोनों वहशी के विरूद्ध बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा. इधर तब तक नाबालिग मीना के गर्भ को नौ महीने बीत चुके थे. .मीना को पुरैनी स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया जहाँ डा० वेदप्रकाश के देखरेख में उसे पुत्र पैदा हुआ.मीना ये तक नही जानती कि उन दोनों दरिंदों में इस बच्चे का पिता कौन है? अब देखना है कि क़ानून दोषियों को नाबालिग के साथ बलात्कार कर गर्भवती बनाने की क्या सजा देती है पर इतना तय है कि इस कुकृत्य में फांसी की सजा का प्रावधान नही है जो होना चाहिए था.जो भी हो इस घटना से लोगों का सम्बन्ध पर से तो एक बार फिर विश्वास डगमगा गया ही है.
बारह साल की उम्र में दरिंदों ने बनाया नाबालिग कुंवारी माँ
Reviewed by Rakesh Singh
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December 13, 2010
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December 13, 2010
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ऐसा लग रहा है के हमारे प्रदेश में सिर्फ कुकृत्य ही हो रहे हैं..इस वैज्ञानिक युग में भी आज हमारा समाज कुरीतियों से बहार नहीं निकल पाया है.
ReplyDeleteऐसा लग रहा है के या तो हमारे प्रदेश में या तो सब कुछ बुरा है या किसी अच्छी खबर का समुचित रूप से प्रसारण नहीं हो रहा है.
क्यूंकि इस वेबसाइट के माध्यम से पुरे विश्व को हमारे मधेपुरा के बारे में सुचना मिल रही है इसीलिए मेरा अनुरोध है के अगर हमारे प्रदेश में कोई अच्छी घटना हुई हो तो उसकी चर्चा भी इस वेबसाइट में अवश्य करें.