28 फ़रवरी 2018

दलितों को सम्‍मान देने को मांझी को सीएम कैंडिडेट घोषित करे महागठबंधन: पप्‍पू यादव

पटना : जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय संरक्षक व मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने महागठबंधन के साथ जीतन राम मांझी के जाने के फैसले को साहसिक करार दिया है और उन्‍होंने मांझी के स्‍वर्णिम भविष्‍य के लिए मंगलकामनाएं दी हैं।


उन्‍होंने कहा है कि  दलितों महादलितों को सम्‍मान और बराबरी देने को महागठबंधन 2020 के बिहार विधान सभा के चुनाव के लिए अभी से मुख्‍य मंत्री पद का उम्‍मीदवार घोषित कर दे।
सांसद ने कहा कि जीतन राम मांझी सम्‍मानित नेता हैं। दलितों महादलितों की रहनुमाई करते हैं। मुख्‍यमंत्री रहते हुए कई जनोपयोगी फैसले किए थे। पर, उनसे सत्‍ता छीन ली गई। समय से सबों ने जीतन राम मांझी को छला और ठगा। अब मांझी को उनके त्‍याग का सम्‍मान मिलना चाहिए। सांसद ने कहा कि देश में दलितों-महादलितों के साथ दुश्‍मन जैसा व्‍यवहार हो रहा है। उन्‍हें मौजूदा सत्‍ता सदैव नीच दिखाने की अमानवीय कोशिश करती है। गुजरात महाराष्‍ट्र से लेकर बिहार तक इनकी स्थिति बिगाड़ दी गई है। सत्‍ता की मुख्‍यधारा में आए बिना दलित- महादलित का विकास नहीं हो सकता। हम सबों को अपने निजी स्‍वार्थ को वंचित समाज को आगे लाने के लिए त्‍यागने की जरुरत है।

पप्‍पू ने कहा कि निश्चित तौर पर लालू यादव ने पिछड़ों को आगे लाने की लड़ाई लड़ी। आगे उन्‍होंने क्‍या किया, बहस का विषय है। पर, उनके शुरुआती संघर्ष को नहीं भूला जा सकता। अब जीतन राम मांझी जैसे मंजे नेता मन से महागठबंधन को मिला है, तो निश्चित तौर पर नेतृत्‍व को उदार होना चाहिए। जीतन राम मांझी को मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार घोषित करने से महागठबंधन को फायदा ही मिलेगा। और तो और बिहार के दलित-महादलित स्‍वयं को सत्‍ता के करीब महसूस करेंगे। ऐसे में, मांझी के साथ सिर्फ राज्‍य सभा और विधान परिषद की सौदेबाजी नहीं होनी चाहिए, उनके हाथों बिहार की सत्‍ता को सौंपने का विचार दृढ़ता से किया जाना चाहिए।
(ए. सं.) 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...