

प्रभारी कुलपति जे. पी. एन. झा के बयानबाजी से आक्रोशित छात्र संगठन ने आज बयान जारी कर कहा कि यदि छात्र हित के किया जाने वाला आन्दोलन राजनीति है तो ऐसा अपराध वो करते रहेंगे. संगठन ने प्रभारी कुलपति जे. पी. एन. झा का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार ने कहा कि प्रभारी कुलपति का बयान यह दर्शाता है कि वे मानसिक रूप से बीमार हैं. छात्र संगठन को असंवैधानिक कहना प्रभारी कुलपति के दोहरे चरित्र का प्रमाण है.
एआइएसएफ के संयुक्त राज्य सचिव हर्षवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि छात्र संगठन और हड़ताल पर बैठे कर्मचारी से वार्ता कर सकारात्मक पहल करने की बजाय प्रभारी कुलपति का बयानबाजी दर्शाता है कि वे सुर्ख़ियों में रहने के आदी हैं.
विश्वविद्यालय नेता श्रीकांत राय ने अभी आज खुद को आन्दोलन से सक्रिय रूप से जोड़ते कहा कि प्रभारी कुलपति यदि अपने आचरण में सुधार नहीं लाते हैं तो उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोका जाएगा.
वहीँ एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर ने कहा कि संयुक्त छात्र संगठन को किसी अन्य के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. मौके पर मो. वसीमुद्दीन नन्हे, हिमांशु राज, भगत सिंह, आर के रंजन, राहुल कुमार, अब्दुल कादिर, दीपक कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
जाहिर है अपनी कमियों को देखने की बजाय मंडल विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बयान और व्यवहार विवादों को तूल रहे हैं जिससे विश्वविद्यालय के हालात सुदाह्रने की बजाय बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
‘मानसिक रूप से बीमार हैं प्रभारी कुलपति’: संयुक्त छात्र संगठन ने जलाया पुतला
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
September 08, 2016
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