27 फ़रवरी 2017

कृतिका गौतम: कोसी की बुलंदियों के आसमान का एक सितारा, जिसके सुर में बसती है सरस्वती

कोसी में प्रतिभाओं की कहीं कोई कमी नहीं है, और प्रतिभाएं भी ऐसी जो देश के किसी इलाके को प्रभावित करने में सक्षम हैं.
संगीत साधना और तपस्या है और हर किसी के वश की बात भी नहीं. पर ये बात भी तय है कि जो हर किसी के वश की बात नहीं, उसे करने का बीड़ा कोसी की दर्जनों प्रतिभाओं ने मानो उठा रखा है.
    कोसी में संगीत के अद्भुत खजाने में से हमने पिछली बार जब मधेपुरा के राजीव तोमर ‘भोला’ की गायकी को आपके सामने प्रस्तुत किया तो हजारों ने हमें सराहते हुए कहा कि ये बिहार के अनूप जलोटा हैं, इसे ‘राजीव तोमर’ नहीं ‘राजीव जलोटा’ कहिये. स्तरीय संगीत से जुड़ी प्रतिभाओं की हमारी अगली खोज में कोसी की बुलंदियों के आसमान का एक और सितारा हम आपके सामने कृतिका गौतम के रूप में प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिनके सुर का जादू न सिर्फ श्रोताओं को सम्मोहित करने वाला है बल्कि शास्त्रीय संगीत पर भी इनकी अद्भुत पकड़ इनकी गायकी से ही झलकती है.
    गायन और कत्थक नृत्य में अपनी अलग पहचान बनाने वाली कृतिका गौतम सहरसा के सर्वनारायण सिंह कॉलेज के संगीत विभाग के जाने माने
प्राध्यापक गौतम सिंह और मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के संगीत विभाग की प्राध्यापिका भारती सिंह की पुत्री हैं. कृतिका ने नृत्य और संगीत की प्रारंभिक शिक्षा सहरसा जिला मुख्यालय के वार्ड नं. 3, नया बाजार के ‘स्वरांजलि’  यानी अपने ही घर से संगीत में खुद को समर्पित कर देने वाले पिता और माँ से लेनी शुरू की और महज दो वर्ष की छोटी सी उम्र से मंचो पर अपने गायन एवं कत्थक नृत्य का प्रर्दशन शुरू कर दिया.
        15 अगस्त 1993 को जन्मी कृतिका ने कत्थक नृत्य की शिक्षा अपने
पिता प्रो० गौतम कुमार सिंह एवं गायन की शिक्षा अपनी माता प्रो० भारती सिंह से ली. संगीत का सफ़र एक बार जो प्रारंभ हुआ तो फिर कृतिका ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. कत्थक नृत्य में वर्ष 2005 में कृतिका को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है. गायन में कृतिका की प्रतिभा का लोहा जब लोगों ने माना तो फिर कृतिका ने कोशी महोत्सव, उग्रतारा महोत्सव, बिहार दिवस, पटना, दरभंगा, कोलकाता, द्विल्ली और मुम्बई तक अपनी प्रस्तुति से सुर्खियाँ और तालियाँ बटोर चुकी है. कला संस्कृति एवं युवा विमाग बिहार सरकार, भारत सरकार, संगीत नाटक अकादमी आदि से भी इन्हें पुरस्कार मिल चुका है. यही नहीं, कृतिका देश के प्रसिद्ध रियलिटी शो ये इंडियन आईडल तथा इंडिया गॉट टैलेन्ट में भी गायन कर चुकी है. इसके अलावे मैथिली फिल्म तथा भोजपुरी फिल्म में भी गायन कर चुकी है और कई एलबम में भी कृतिका गौतम की आवाज का जादू सुना जा सकता है.
    कृतिका की प्रारंभिक से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा सहरसा से ही हुई और बायोटेक से बी० टेक करने के पश्चात फिलवक्त कृतिका गौतम पटना विश्वविद्यालय से संगीत में एम० ए० कर रही है.
    पिता गौतम कुमार सिंह जहाँ चाहते हैं कि बेटी पी० एच० डी० करके प्रोफेसर बने वहीँ कृतिका का सपना भविष्य में प्ले बैक सिंगर बनना है.
   मधेपुरा टाइम्स स्टूडियो में जब कृतिका के सुर ने समां बाँधा तो मानो वक्त ठहर सा गया हो. जाहिर है देश स्तर पर छा जाने के लिए ऐसी उम्दा गायकी से यदि कोसी की उम्मीद जुड़ी हुई है तो स्वाभाविक ही है. 
सुनिए टाइम्स स्टूडियो में रिकॉर्ड किए गए कृतिका के गाने नीचे के लिंक पर:
1.    ‘प्यार का पहला ख़त लिखने में वक्त तो लगता है’ सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें.
2.    ‘छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाइके’ सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें.

(ब्यूरो रिपोर्ट)

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