15 मार्च 2018

मकई में दाना नहीं होने की वजह ठंढ नहीं, पायोनीयर 3522 बीज थी: होगी कार्रवाई

मधेपुरा जिला समाहरणालय में आज जिला पदाधिकारी मो० सोहैल के द्वारा मक्का से समस्या संबंधित मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया।


बताया गया कि जिले के किसान 19 हजार हेक्टेयर यानि 47 हजार एकड़ भूमि में मकई की फसल लगाते हैं और इसकी औसत पैदावार पचपन क्विंटल प्रति हेक्टेयर है । अब जब मकई की फसल कटने लगी है तो पता चल रहा है कि अधिकांश बाली दाना विहीन हैं या फ़िर बहुत कम दाने लगे हैं ।  जाँच में इस तथ्य का खुलासा हुआ है कि जिन किसानों ने पायोनीयर 3522 बोया है उनकी फसल ही दाना विहीन है । जिलाधिकारी महोदय मु सोहैल के द्वारा संज्ञान में लेकर उक्त बीज निर्माता कम्पनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का काम शुरू कर दिया है।

जिलाधिकारी ने आज स्वयं तुलसीबाड़ी , रामपुर और दीनापट्टी जाकर मकई की फसल लगी खेतों का निरीक्षण किया । वहां अगल-बगल में बीजो मुखिया ने पायोनीयर कम्पनी की ही 3535 मकई बीज बोया तो उसमें पर्याप्त दाने लगे हैं जबकि आर के पार के खेत में ही विपिन यादव ने पायोनीयर कम्पनी की ही 3522 बोया तो उसमें न के बराबर दाने लगे हैं । जबकि दोनों ने एक ही दिन 17 नवम्बर 2017 कॊ मकई का बीज बोया था ।

जिला प्रशासन ने एक सप्ताह पूर्व ही कृषि विभाग के पदाधिकारियों कॊ जाँच करने का निर्देश दिया था तो 1860 किसानों ने मकई की फसल में दाने नही लगने की शिकायत करते हुए आवेदन दिया था । लेकिन अब जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि शेष किसानों कॊ भी अगर इस तरह की शिकायत हो तो वे अपने अपने प्रखंड जाकर इस आशय का आवेदन दे दें । इसके लिये सभी प्रखंडों कॊ भी हिदायत दे दी गई है । आवेदन के साथ सिर्फ मौजा, खाता और खेसरा नम्बर लिखना है । जब किसी प्रकार के मुआवजा का प्रावधान होगा तब उन्हें भूमि की रसीद और बीज खरीदने की रशीद देनी होगी । आवेदनों के आधार पर जांचोपरांत कारवाई होगी । अगर बटाईदार हो तो भी आवेदन करें । उन्हें भी उचित मुआवजा दिया जा सकता है ।

जिलाधिकारी मो० सोहैल ने यह भी बताया कि  स्थानीय सभी बैंकों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है । इस बैठक में पीडित किसानों कॊ मात्र चार प्रतिशत की ब्याज दर पर एक लाख तक कृषि कर्ज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया । बताया कि शुक्रवार को  राज्य सरकार के कृषि विशेषज्ञों की एक टीम जिले का दौरा पर आ रही है । इस टीम कॊ किसानों की इस दुर्दशा से अवगत कराया जायेगा । इस टीम के प्रतिवेदन के आधार पर ही पीडित किसानों कॊ सरकार मुआवजा देगी ।

जिलाधिकारी ने बताया कि अत्यधिक ठंढ की वजह से अगर दाने नही लगते तो अन्य किस्मों में भी यह शिकायत मिलती । लेकिन यहाँ सिर्फ पायोनीयर 3522 बीज, जो इस जिले में सर्वाधिक बोयी जाती है, में ही यह शिकायत मिली है । किसानों के साथ यह बड़ा अन्याय है । इसीलिये उक्त बीज कम्पनी के विरुद्ध अवश्य कारवाई की जायेगी । सरकार कॊ मुआवजा के लिये भी आग्रह किया जायेगा । तत्काल किसानों कॊ सस्ते दर कर्ज उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है । सोमवार से सभी बेँको द्वारा पीडित किसानों कॊ एक लाख रू तक का कृषि कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा । सभी पीडित किसान अपने प्रखंड जाकर अपना शिकायती आवेदन पत्र जमा कर सकतें हैं।

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