वहीं पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि वर्तमान कुलपति छात्र संगठनों लोकतांत्रिक अधिकारों को छिनने का काम करती है जबकि शांतिपूर्ण तरीके से विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के खिलाफ बोलना आंदोलन करना हर छात्र संगठनों का अधिकार है। वर्तमान कुलपति की मानसिक स्थिति कहीं से भी ठीक नहीं लगती है । जब छात्र संगठन आंदोलन करने के लिए उनसे अनुमति मांगती है तो वह विधि व्यवस्था का हवाला देकर यह छात्र नेताओं पर झूठा मुकदमा कर देती है और उनके भविष्य को बर्बाद करती है । लेकिन तीन दिनों से विश्वविद्यालय परिसर को शिक्षा माफियाओं एवं गुंडो के दम पर कुलपति ने अपने गुंडो को भेज कर विश्वविद्यालय को बंद रखी हुई है और छात्र-छात्राओं के कार्य को बाधित कर रही है तो ऐसे में सरकारी कार्य में बाधा नहीं पहुंच रही है। कुलपति के गुंडे विश्वविद्यालय के गेट पर लाठी डंडे लेकर छात्र-छात्राओं के साथ और अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं तो ऐसे में कोई भी सरकारी कार्य का बाधा नहीं हो रहा है।
वहीं विद्यार्थी परिषद के राज्य कार्य प्रमुख सौरभ यादव ने कहा कि कुलपति महोदय दुराग्रह की भावना से ग्रसित हैं और जानबूझकर हुए छात्र नेताओं पर मुकदमा करते रहते हैं । वह राष्ट्रवादी विचारधारा रखने वाले शिक्षकों छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों के प्रति दुराग्रह की भावना से ग्रसित हैं जिस कारण छात्र-छात्राओं पर मुकदमा शिक्षकों का 100 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले महाविद्यालय में स्थानांतरण और उनके मानसिक प्रताड़ित कर रहे हैं। हाल ही में समर्थ पोर्टल के प्रभारी का स्थानांतरण UMIS के इशारे पर किया। जबकि UMIS के द्वारा उन्हें प्रताड़ित भी किया गया। विद्यार्थी परिषद ने सांसद से मुलाकात कर राजभवन को अवगत कराने को आग्रह किया।
इस मौके पर जिला संयोजक नवनीत सम्राट, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य मनीष कुमार, अजय कुमार, आदि उपस्थित रहे।
(वि.)
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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April 12, 2026
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