15 फ़रवरी 2018

शिव-पार्वती विवाह के बाद सिंहेश्वर में प्रथम जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बाबा भोलेनाथ के विवाह के बाद प्रथम जलाभिषेक के लिए आज मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर में बाबा के मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी । 


जलाभिषेक के लिए अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू था और भीड़ को देख कर ही प्रशासन के हाथ-पाँव फूलते दिखे । भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधक ने रात दो बजे से ही बाबा मंदिर के गर्भगृह का पट खोल दिया था । प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त नहीं रहने के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा  । मंदिर में भी साफ-सफाई की व्यवस्था चरमरा सी गई । मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के द्वारा भोजन कर यत्र-तत्र जूठा फेकने के कारण श्रद्धालुओं को चलने में भी काफी परेशानी हो रही थी ।

आसमान के नीचे रात भर ठिठुरते रहे श्रद्धालु: जिला प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए चाहे लाख दावा करे लेकिन बाबा के जलाभिषेक के लिये देश-विदेश से आये श्रद्धालुओं के लिए प्रतिमा सिंह धर्मशाला और राज किशोर घर्मशाला में चारो तरफ पुरूष और महिलाओं के लिए अलग अलग पंडाल लगाने के दावे की हवा निकल गई । जलाभिषेक के लिए आये श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे पूरी रात गुजारनी पड़ी । सभी जगह रात भर श्रद्धालु ठंड में ठिठुरते रहे । सिंहेश्वर स्थित हर होटल, घर्मशाला, ठाकुरबाड़ीमेला में मौजूद हर खाली जगह पर लोग ठहरने की जगह तलाशते रहे जबकि पूरी रात श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा ।

मेले में भी उमड़ी भारी भीड़: सिंहेश्वर मेले में भी उम्मीद से ज्यादा लोगों के पहुँचने से जहाँ मेले के दुकानदार बहुत खुश नजर आ रहे थे, वहीँ प्रशासन इस को संभालने के लिए जद्दोजहद करती दिख रही थी ।

56 हाथ के काँवर का दो जत्था पहुंचा बाबा के जलाभिषेक के लिए: मधेपुरा के सुखासन चकला और तुनियाही सुखासन के काँवर संघ के 1000 लोगों का जत्था जब बाबा सिंहेश्वर के दरबार में पहुंच तो उसके आकर्षक रूप ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया । काँवरियों ने बताया कि हम लोग 11 फरवरी को महादेवपुर घाट से जल उठाये और पांचवें दिन बाबा के दरबार में पहुंचे हैं ।
 

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