03 फ़रवरी 2018

बीएनएमयू : सीनेट की बैठक में पंद्रह सौ करोड़ रू. का बजट पारित

बीएनएमयू सीनेट की  बैठक शनिवार को  कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय की अध्यक्षता में संपन्न हुई।  कुलपति ने   सीनेट में अपना अध्यक्षीय अभिभाषण प्रस्तुत किया।


इसके अलावा अन्य सदस्यों को भी सीनेट की बैठक में अलग-अलग जिम्मेदारियों के निर्वहन किया। प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली बजट भाषण दिया। डीएसडब्लू डॉ. अनिलकांत मिश्र वित्तीय वर्ष 2018-19 के वास्तविक आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया । डाॅ. जवाहर पासवान ने 20 मई 2017 को संपन्न हुए पिछले सीनेट की बैठक की कार्यवाही की कार्यसूची प्रस्तुत किया और डाॅ. शब्बीर हुसैन इस कार्यसूची की संपुष्टि का प्रस्ताव रखा। डाॅ. अजय कुमार वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। 

 सीनेट की गत बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि की गयी और  उसमें लिए निर्णयों का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। 

सीनेट की बैठक के अंत में पिछले बैठक के बाद से अब तक दिवंगत हुए प्रमुख हस्तियों एवं विश्वविद्यालय के कर्मियों और विशेष रूप से सभी शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

कुलपति ने अपने भाषण में कहा कि यदि हौसला बुलंद हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।कुलपति ने कहा कि उन्होंने बीएनएमयू के समग्र विकास का, उसे राष्ट्रीय ख्याति दिलाने का सपना देखा है। कुछ छोटी-मोटी बाधाएँ हैं, लेकिन आप सबों के सहयोग से हम उन्हें दूर कर लेंगे। 

 उन्होंने कहा कि हम सब विश्वविद्यालय के विकास में अपनी-अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करें और विश्वविद्यालय को अपनी सर्वोत्तम सेवा दें। हम केवल यह नहीं सोचें कि हमारे विश्व विद्यालय ने हमारे लिए क्या किया, बल्कि यह भी सोचें कि हम विश्वविद्यालय के लिए क्या कर सकते हैं। 

कुलपति ने कहा कि हम इस विश्व विद्यालय के हित में जो कुछ भी कर सकते हैं, वह अविलंब करना शुरू करें। हम अंधेरे को कोसने की बजाय एक चिराग जलाएं। हम सब एक-एक चिराग जलाएंगे, तो एक दीपमाला बनेगी और अंधेरा दूर हो जाएगा और चारों ओर ज्ञान का प्रकाश फैलेगा। फिर हमारे विश्वविद्यालय के बारे में सकारात्मक धारणा बनेगी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी नई पहचान कायम होगी। यही हमारा एकमात्र  मकसद है। बीएनएमयू की सूरत बदलनी हैं। 

सीनेट की 18वीं वार्षिक अधिवेशन के अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति ने अपने आठ माह के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में  इसी बदलाव एवं विकास को केंद्र में रखा।उन्होंने कहा कि सभी काम नियमानुसार किया जा रहा है ।सभी कार्य वित्तीय स्वच्छता एवं पारदर्शिता के आदर्शों के अनुरूप कार्य हो रहा है। सभी महाविद्यालयों एवं स्नातकोत्तर विभागों को ससमय उपयोगिता प्रणाम-पत्र जमा करने हेतु सख्त निर्देश दिये गये हैं। जिस किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के नाम पर अग्रिम भुगतान किया गया है, उन सबों को यथाशीघ्र उसका सामंजन कराने के निर्देश दिए गए हैं।सभी समस्याओं का आॅन द स्पाट समाधान हो रहा है। सभी विभागों को तीन दिन के अंदर संचिकाओं के निष्पादन हेतु निर्देश दिये गये हैं।चार कालेजों यथा पार्वती साइंस कालेज, मधेपुरा, पूर्णियां काॅलेज, पूर्णियां, एमएलए काॅलेज, कसाब एवं एसएनवाई काॅलेज, रामबाग को नैक से बी ग्रेड मिला है ।दर्शनशास्त्र, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, भूगोल, रसायनशास्त्र, गणित आदि विषयों में नये शिक्षकों का पदस्थापन किया गया है। शिक्षकों के प्रोन्नति की प्रक्रिया जारी है।

फारबिसगंज काॅलेज, फारबिसगंज में 54 कर्मचारियों की स्थायी नियुक्त की गयी है. विश्वविद्यालय में कार्यरत संविदाकर्मियों का स्थायीकरण किया गया है।से वानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। सितंबर में पेंशन अदालत लगाकर सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का आॅन द स्पाॅट समाधान किया गया. दिसंबर 2018 तक सभी बकाया पेंशन का भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है ।सभी महाविद्यालयों, स्नातकोत्तर विभागों एवं विश्वविद्यालय कार्यालयों में बायोमेट्रिक एटेन्डेस सिस्टम लागू किया जा रहा है ।
जगह-जगह सेमिनार एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी है. विश्वविद्यालय नियमित सत्र हेतु प्रतिबद्ध है. दिसंबर 2018 तक सत्र नियमित हो जाएगा. कदाचरमुक्त परीक्षा संचालन और ससमय त्रुटिरहित परीक्षाफल प्रकाशन सुनिश्चित किया गया है. विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार कदाचार जांच समिति का गठन किया गया है ।एमबीए, एमसीए, बीलिब, एमलिब, संस्कृत एवं संगीत की पढ़ाई जल्द शुरू होगी । इन सभी विषयों का पाठ्यक्रम राजभवन को स्वीकृति हेतु भेजा जा चुका है. आगे नाट्यशास्त्र विषय भी स्वीकृति मिलने की संभावना है. साथ ही कुछ और विषयों की भी पढ़ाई शुरू होगी.इत्यादि अनेक उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।बैठक में ध्वनि मत से लगभग पंद्रह सौ करोड़ रू का बजट पारित किया गया ।
        
बैठक में प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली, पूर्व कुलपति डॉ. जय कृष्ण यादव, विधान पार्षद डाॅ. संजीव कुमार सिंह, दिलीप जायसवाल एवं नूतन सिंहविधायक  प्रो. चंद्रशेखर, अनिरूद्ध प्रसाद यादव, नीरज कुमार बबलू एवं तारकेश्वर सिंह, कुलसचिव डॉ. नरेन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. परमानंद यादव, डॉ. जवाहर पासवान, डॉ. शब्बीर हुसैन, डॉ. अजय कुमार, डॉ. रामनरेश सिंह, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. अरूण कुमार मिश्र, डॉ. एम. जेड. आलम, मनीषा रंजन, दिनेश झा, डॉ. कमलेश प्रसाद सिंह, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. विपिन सिंह, डॉ. शैलेश्वर प्रसादडॉ. अरूण खाँ, प्रमोद कुमार, डॉ. शिवमुनि यादव, डॉ. ज्ञानंजय द्विवेदी, डॉ. रंजीत मिश्र, डॉ. बी. एन. विश्वासडॉ. मुकुल कुमार, डॉ. बी. एन. पांडेयडॉ. जनार्दन यादव, डॉ.  रतन कुमार मल्लिक ,डॉ राजीव सिन्हा आदि उपस्थित थे।
 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...