18 जनवरी 2018

टी पी कालेज में बहने लगी है विकास की बयार: नेक से मान्यता की हो रही है तैयारी

टी पी कालेज भू ना मंडल विश्वविद्यालय का मुख्यालय कालेज है और शिक्षा के क्षेत्र में पहले भागलपुर और फ़िर मिथिला विवि में इसका प्रमुख स्थान रहा है ।


लेकिन बाद के वर्षों में शैक्षणिक अराजकता के साथ साथ योग्य प्राध्यापकों की सेवा निवृत्ति के कारण इस कालेज की गरिमा बरकरार नही रह सकी ।

लेकिन नये प्रधानाचार्य के रुप में प्रसिद्ध शिक्षक नेता डॉ परमानन्द यादव के योगदान के बाद इस कालेज की फिजा ही बदल गयी है । कालेज के मैदान से लेकर आवास तक में देख रेख के अभाव में अवैध अतिक्रमण हो चुका था ।जिसे मात्र एक सप्ताह में बिना पुलिस बल के  हटा दिया गया है ।संस्थापक प्राचार्य का खंडहर बन चुका भवन कॊ अतिक्रमण से मुक्त कर ध्वस्त कर इसके बेकार पड़े ईंट से कालेज के अंदर तेजी से सड़क बनाई जा रही है ।

महिला छात्रावास भवन का होगा कायाकल्प: कालेज में दो मंजिल का महिला छात्रावास बना लेकिन सिर्फ ढाँचा ही बनकर रह गया ।इस भवन का असामाजिक तत्व अवैध इस्तेमाल करते थे ।लेकिन अब यहाँ से सभी कॊ खदेड़ कर पहले तो गेट कॊ सबल किया गया और फ़िर अब भवन कॊ पूर्ण कर गर्ल्स हॉस्टल कॊ चालू करने की दिशा में कारवाई चल रही है ।

कामर्शियल काम्प्लेक्स होगा चालू: प्रधानाचार्य डॉ यादव ने कालेज द्वारा तीन वर्ष पूर्व लगभग तेईस लाख रू से निर्मित कामर्शियल काम्प्लेक्स कॊ अब सर्वाधिक बोली लगाने वाले किरायादार कॊ देने का काम शुरू कर दिया है । एक लाख रू अग्रिम और न्यूनतम दो हजार रू प्रति दूकान इसकी न्यूनतम बोली रखी गयी है ।

नेक से मान्यता के लिये हो रही है तैयारी: कालेज कॊ नेक से अच्छी श्रेणी में मान्यता मिले ,इसके लिये तैयारी शुरू हो चुकी है । विभिन्न विभागों के लिये अलग अलग कमरे तय करने के लिये मुख्य दक्षिणी भवन के ऊपरी मंजिल की मरम्मत जारी है । शैक्षणिक व्यवस्था ठीक करने के लिये प्रधानाचार्य स्वयं आठ बजे सुबह कालेज आ जाते हैं और ज़रूरत पड़ने पर स्वंय भी क्लास लेते हैं ।

क्या कहते हैं प्रधानाचार्य: प्रधानाचार्य डॉ परमानन्द यादव कहते हैं कि  मैं स्थानीय हूँ और इस कालेज के गरिमा कॊ पुनर्स्थापित करने का जो जिम्मा मुझे कुलपति और प्रति कुलपति ने सौंपा है उसे पुरा करना ही अब मेरा लक्ष्य है ।इस कार्य में अनेक रुकावट आ रही है लेकिन मैं इसकी परवाह नही करता । अगर एक भी छात्र वर्ग में आयेंगे तो क्लास चलेगा । इसमें कोताही बरतने वालों कॊ मैं नही बख्श सकता. मैं सभी शिक्षक और कर्मी कॊ प्यार और सम्मान दे रहा हूँ और बदले में भी सकारात्मक सहयोग चाहता हूँ ।सबों ने सहयोग देना शुरू भी कर दिया है ।कुलपति और प्रति कुलपति ने जो सहयोग कर मुझे आत्मबल दिया है तो मैं छह माह में ही अपना लक्ष्य पा लूँगा ।

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