21 जनवरी 2018

‘तुगलकी फैसले लेने में नीतीश कुमार कर रहे रिकॉर्ड कायम’: पूर्व मंत्री

मधेपुरा जिला के सर्किट हाउस में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूर्व आपदा मंत्री वर्तमान विधायक मधेपुरा ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल है. नीतीश कुमार तुगलकी फैसले लेने में रिकॉर्ड कायम कर रहे है.


पूर्व मंत्री ने कहा कि एनडीए के साथ जाने के बाद सीएम के डीएनए में जो भीषण परिवर्तन आया है, उससे बिहार की जनता परेशान है. स्थिति यह है कि एक बारगी बालू, गिट्टी के बाद ईंटों के लिए भी हाहाकार प्रारंभ हो गया है. बिहार सरकार द्वारा 15 जनवरी से ई  चलान व्यवस्था लागू करने के निर्देश तथा ईंट प्रेषण हेतु इसकी बाध्यता के बाद ईंट भट्ठों से ईंट की आपूर्ति बंद है. मजे की बात है कि ई चालान व्यवस्था को 15 जनवरी से लागू होना था. लेकिन खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा इ चलान हेतु वर्णित पोर्टल पर भी 15 जनवरी को ई चलान जारी करने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी. अब तक जिले के किसी भी ईंट भट्ठा मालिक को यूजर आइडी पासवर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. स्थिति यह है कि डबल इंजन लगाने विकास की रफ्तार बढ़ाने का दावा कर नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी की गोद में बैठने गए लेकिन बिहार को पुराना बकाया राशि तक नहीं प्रदान किया जा रहा है चाहे वह आपदा पीड़ितों के पुनर्वास का हो या फिर अन्य मदों की राशि. नीतीश की नैतिकता जनता देख रही है  बिहार सृजन घोटाले की वजह से  हलकान है और हजारों करोड़ का घोटाला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के सुशासन का खुलासा करता है. जबकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तमाम संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने के मिशन में जूटी है. वंचितों से उनका अधिकार छीनने के लिए आरक्षण की नयी नीति से लेकर कई तरह प्रयास जारी है. 

पूर्व मंत्री ने कहा दरअसल जब जब वंचित समाज में अपने अधिकारों के लिए सजगता दिखाते हुए उसे प्राप्त करने की दिशा में संघर्ष किया तब तब समाज के नायक को कुचल कर मनुवादी ताकतों ने यह संदेश दिया है कि अंतत: वंचितों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयास करने वालों का यही अंजाम होगा. शुद्र शंबुक की हत्या से लेकर रोहित बेमुला की आत्महत्या इसका जीताजागता प्रमाण है.  पिछड़ों दलितों के सबसे बड़े मसीहा को जेल में डाल दिया गया. लालू यादव ने पहली बार वंचित समाज को उसकी ताकत का अहसास कराया. मुख्यमंत्री रहते हुये अपनी सभा में बड़े बड़े नौकरशाहों से जनता को सार्वजनिक मंच के माध्यम से प्रणाम कराकर यह बतलाया कि जनता की ताकत ही सबसे बड़ी ताकत है. लालूयादव जातिगत जनगणना की बात करतेहैं. न्यायपालिका एवं प्राइवेट सेक्टर मेंआरक्षण की बात से आगे बढ़कर अब तो शंकराचार्य की पद पर भी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. वे मुखर हैं भाजपा के खिलाफ, मनुवाद का विरोध करते हैं. गरीब किसान, मजदूर, दलित औरअकलियत की हितों की बात करते हैं.संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की बातकरते हैं. भाजपा के खिलाफ देश में एकबड़े महागठबंधन की बात करते हैं. वह जननेता है. 

पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि केंद्र सरकार किस तरह  संवैधानिक संस्थाओं में दखल अंदाजी कर रही है. इसका उदाहरण लोगों को दिख रहा है. सुप्रीम कोर्ट के चार वरीयतम न्यायाधीश को जनता के सामने अपनी बात रखनी पड़ रही है. अपने तोता का इस्तेमाल कर  केंद्र सरकार विपक्ष को डराना चाहती है. इसके लिए ईडी से लेकर हर तरह की एजेंसी का खुलम खुल्ला इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कटाक्ष करते हुये कहा चरित्र हनन के लिए किस कदर नरेंद्र मोदी गिर सकते हैं, इसके बारे में उनके सहयोगी फायर ब्रांड नेता डा प्रवीण तोगड़िया ने ही साफ कर दिया है. फर्जी सेक्स सीडी बनाकर गुजरात की राजनीति में उभर रहे संघ एवं भाजपा नेता संजय जोशी को तबाह कर दिया गया. लालू प्रसाद यादव को भी पलटू राम नहीं बनने पर जेल भुगतना पड़ रहा है  जबकि सृजन के आरोपी खुलेआम घुम रहे है. जनता सब कुछ देख रही है.  लालू यादव के जनता के बीच में जाकर भाजपा की नीतियों के मुखर विरोध तथा जुमलों का सच जनता तक पहुंचाने के साथ साथ वृहद महागठबंधन की तैयारी से घबराकर जेल में डाल कर रोकना चाहते हैं. लेकिन ये तत्व  बिहार और बिहारियों का मिजाज नहीं जानते हैं. एक बार बिहार जब परिवर्तन की राह चुन लेता है तो जेपी की संपूर्ण क्रांति सफल हो जाती है. इस बार केंद्र  एवं बिहार से भाजपा का नामो निशान भी मिट कर रहेगा.

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