11 दिसंबर 2017

गिरफ्तारियों के बावजूद मधेपुरा में नहीं थम रहा शराब के अवैध धंधे का दौर

मधेपुरा जिला प्रशासन, उत्पाद विभाग और पुलिस की सक्रियता के बावजूद जिले में शराब का धँधा बंद होने का नाम नहीं ले रहा है । ऐसा नहीं है कि सिर्फ शराब के बड़े माफिया ही जिले में सक्रिय हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी देशी शराब बनाकर बेचने का धँधा बदस्तूर जारी है ।

अँग्रेजी शराब का धँधा कर रहे हैं माफिया: मधेपुरा जिले के सभी प्रवेश द्वार पर पुलिस पिकेट बना है और वाहनों की जाँच हो रही है । लेकिन अँग्रेजी शराब के बड़े बड़े व्यवसायी किसी भी तरह शराब की बड़ी खेप लाने में कामयाब हो जाते हैं । यदि पकड़े भी जाते हैं फिर भी इस धंधे से बाज नही आ रहे हैं । यहाँ मिलने वाली शराब पंजाब और झारखंड के अतिरिक्त बंगाल में निर्मित होता है ।

देशी शराब बन रहा आदिवासी टोलो में: जिले के सुदूर गाँवों में दर्जनों आदिवासी टोले हैं ।शराब बंदी के बाद जिलाधिकारी मु सोहैल ने देशी शराब बनाकर बेचने वाले सँथाल आदिवासी के लिये मुख्यमंत्री के पास विशेष परियोजना बना कर ले गये ताकि बेरोजगार हुए सँथालो कॊ स्वरोजगार, नौकरी आदि का लाभ मिल सके । इस परियोजना कॊ मुख्य मंत्री ने स्वीकार कर पूरे राज्य के लिये मुख्य मंत्री सँथाल सुनिश्चित रोजगार कार्यक्रम कॊ लागू भी कर दिया । इसके तहत चयनित सँथालो कॊ प्रशिक्षण और पूँजी भी उपलब्ध कराई गई । लेकिन नतीजा शून्य ।

उत्पाद विभाग की टीम इन आदिवासी टोलो में जब धावा बोलती है तो बनाने, पीने और बेचने वाले पकडे जाते हैं । अभी गत सात दिसम्बर कॊ जोरगामा, तीनकोनमा, बघीनीया और चटनी सँथाल टोले में  उत्पाद विभाग ने महुआ का जावा, बारह लीटर देशी शराब के साथ रानी देवी और सुखदेव मुर्मु कॊ गिरफ्तार किया गया ।

झारखंड से लायी जा रही मसालेदार शराब: देशी और विदेशी के साथ साथ यहाँ झारखंड से लाकर पाउच वाली देशी और मसालेदार शराब भी बेची जा रही है । शनिवार कॊ ही शहर से सटे सुखासन वार्ड नम्बर तीन में उत्पाद विभाग की टीम ने भीम मंडल कॊ बीस पाउच  झारखंड निर्मित मसालेदार शराब के साथ गिरफ्तार किया है ।

क्या कहते हैं जिलाधिकारी: मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल कहते हैं कि शराबबंदी कॊ जिले में पूरी तरह से लागू किया गया है । उत्पाद और पुलिस विभाग लगातार छापामारी कर रही है और लोग पकडे जा रहे हैं । जिले के सभी प्रमुख अधिकारियों कॊ जाँच मशीन उपलब्ध कराकर उन्हें भी इस काम में लगाया जा रहा है । लगातार और नियमित बैठक कर शराब बंदी कॊ प्रभावकारी तरीके से लागू किया जा रहा है । अब हमलोगों ने निर्णय लिया है कि  लगातार मशीन से जाँच कर शराब पीने वालों कॊ ही अधिक गिरफ्तार किया जाय । जब तक यहाँ शराब की  माँग समाप्त नही होगी तब तक इसे लाकर बेचने वाले आपूर्ति करने से बाज नही आयेंगे ।

क्या कहते हैं उत्पाद अधीक्षक: मधेपुरा के उत्पाद अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार बताते हैं कि  गत नवम्बर माह में उत्पाद विभाग ने शराब बंदी अधिनियम के तहत  पच्चीस और पुलिस ने अस्सी मामले दर्ज किये हैं और एक सौ लोगों कॊ गिरफ्तार किया गया है ।हमलोगों ने गत माह लगभग पाँच सौ लीटर देशी और विदेशी शराब  बरामद भी कर चुके  हैं । अन्य जिलों से यहाँ काफी अधिक सक्रियता के साथ शराब बंदी लागू है ।

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