22 दिसंबर 2017

माया ने की मधेपुरा के नदियों के संरक्षण अभियान की शुरुआत

मधेपुरा यूथ एसोसिएशन (MaYA) के तरफ से समिधा ग्रुप प्रांगण मे मधेपुरा के नदियों के संरक्षण अभियान की शुरुआत की गयी.  माया के संरक्षक तुरबसु सचिन्द्र ने जानकारी देते हुए कहा कि मधेपुरा की नदियों को आज संरक्षित करने की जरुरत है.

नदियों के गर्भ मे हो रहे निर्माण कार्य से नदियों का चाहे तो अस्तित्व समाप्त हो रहा है या फिर थोड़े से बारिश मे भी यह नदी विकराल रूप धारण करने लग गयी हैं. जरुरी है कि जिला प्रशासन यथाशीघ्र कदम उठाते हुए नदी के गर्भ मे  होने वाले निर्माण पर रोक लगाये. नदी के गर्भ क्षेत्र मे निर्माण के कारण आपदा के समय भारी मात्रा मे जनधन की हानि होती हैं. नियम के हिसाब से नदी के गर्भ के १00 मीटर का इलाका प्रतिबंधित निर्माण क्षेत्र के अन्दर आता हैं. मधेपुरा जिले मे बस स्टैंड नदी के पश्चिम मे नदी से सटे हुए बहुत से निर्माण कार्य हो चुके हैं और नदी के पूर्वी क्षेत्र मे भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है जिसे तुरंत रोक कर नदी को संरक्षित करने की जरुरत है.  ठीक यही स्थिति मधेपुरा के पश्चमी नदी का भी हैं.  

वहीँ माया के अध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि सिंहेश्वर मंदिर मे शिव पोखर मे जाने वाली कोसी सहायक नदी भी गाद और जलकुम्भी के कारण लगभग मृत हो चुकी है, परन्तु उस नदी के धारा से लगभग दो किलोमीटर पश्चिम मुख्य नदी परवाने से उसे जोड़ा जा सकता है. इससे बाढ़ के समय पानी की निकासी भी हो जाएगी और सिंहेश्वर को पर्यटन स्थल के रूप में आकर्षक तरीके से विस्तार भी दिया जा सकता है.

माया के संरक्षक संदीप शाण्डिल्य ने प्रोजेक्टर पर गूगल मैप की मदद से बाढ़ और अभी के समय के नक़्शे की जानकारी देते हुए कहा कि नदी मानव सभ्यता के लिए वरदान होती है. मधेपुरा जिला के लिए गर्व की बात हैं कि ये तीन तरफ से नदियों से घिरा हुआ है. यदि मधेपुरावासी, जिला प्रसाशन और सरकार एक साथ मिल कर पहल करे तो मधेपुरा शहर अपने इस जल संसधन का सही से उपयोग करते हुए विकसित मधेपुरा के साथ सुन्दर मधेपुरा का सपना साकार हो सकता है. आज मधेपुरा औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्र मे देश के अग्रणी पंक्ति मे खड़ा हो रहा हैं. ऐसे मे हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती हैं कि हम विकास के साथ जिले की सुन्दरता को भी प्राथमिकता दें.    

साथ ही जानकारी दी गयी कि मधेपुरा मे सहायक कोसी नदियों के संरक्षण का यह आन्दोलन चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिससे मधेपुरा के तमाम प्रोफेसर, अधिवक्ता, बुद्धिजीवी और सभी जिलावासियों को इस आन्दोलन से जोड़ा जाएगा.

मौके पर माया संरक्षक धर्मेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष दीपक यादव, सदस्य अजय कुमार, मनीष कुमार, बिरेश कुमार सहित दर्जनों छात्र उपस्थित थे.

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