02 दिसंबर 2017

ट्रेन और ट्रैक्टर में टक्कर: मानव रहित समपार पर बड़ी दुर्घटना होते होते बची

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज रेलवे स्टेशन से पूरब मानव रहित समपार पर ट्रैक्टर और ट्रेन में हुई टक्कर. लेकिन अच्छी बात यह है कि एक बड़ी रेल दुर्घटना होते होते टल गई. जबकि रेल इंजन और ट्रैक्टर दोनों ही क्षतिग्रस्त हो गए.


मिली जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 12: 00 बजे 18698 डाउन कोसी एक्सप्रेस मुरलीगंज से पूर्णिया कोट की ओर आ रही थी. जो स्टेशन से कुछ दूर पकिलपार तिनकोनमा रेलवे ढाला पर ट्रैक्टर BR 19 G 1261 को जोरदार ठोर मारी. ट्रैक्टर पर धान की बोरियां लाद कर मंडी ले जाया जा रहा था तभी रेलवे ढाला पार करने के दौरान ट्रैक्टर के ट्राली का चक्का पटरी पर अटक गया. वहीं ड्राइवर के द्वारा निकालने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन वह ट्रेन के करीब आने तक नहीं निकाल पाया. इसलिए ठोकर लगने से ट्रेक्टर और रेल इंजन दोनों ही क्षतिग्रस्त हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के अगले हिस्से में ट्रेलर का चक्का फंसा था जिससे इंजन उतर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था लेकिन ऊपर वाले की दया से सभी की जान बच गई .
 
कोसी एक्सप्रेस में सफर कर रहे प्रत्यक्षदर्शी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि ट्रेक्टर ट्राली का पहिया रेल इंजन में फंसने की वजह से इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया है. उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए कहा कि भगवान का लाख लाख शुक्र है कि ट्रेन पलटी नही और हजारों यात्री जो इसमें सफर कर रहे थे वो बिलकुल सही सलामत है. 

मानव रहित समपार पर अब तक क्या है : इस मानव रहित समपार (रेलवे फाटक) पर कोई गेटमैन ड्यूटी पर नहीं रहता है, रेलवे फाटक के पहले दोनों तरफ लोगों को सतर्क करने के लिए बोर्ड लगा होता है. इसके अलावा दोनों तरफ फाटक का संकेत का बोर्ड लगा होता है. नियम है कि यदि मानव रहित रेल फाटक पर ट्रेन आ रही है तो चालक को हार्न बजाते हुए ट्रेन निकालनी चाहिए. 

इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण लोगों ने रेलवे ट्रैक को जाम करने लगे किन्तु मौके पर पहुंचे आरपीएफ एरिया इंस्पेक्टर वी.एस. पांडे ने बड़ी मशक्कत से लोगों को समझा बुझा कर रेलवे ट्रेक को जाम नहीं करे इसके लिए उनलोगों को मनाया गया. घटना स्थल पर मौजूद प्रखंड शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह पंचायत समिति सदस्य प्रमोद कुमार, स्थानीय अरुण यादव, सोनू कुमार, शुशील कुमार, मंटू यादव, पिंटू कुमार, विनोद मेहता आदि ने कहा कि यहाँ फाटक का निर्माण अति आवश्यक है. हमलोगों के द्वारा कई बार इसकी मांग की गई लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हो पाई है. अगर आज फाटक रहता तो ये दुर्घटना नही घटती. 

आरपीएफ एरिया इंस्पेक्टर वी एस पांडे ने बताया कि यह गेट बिना अनुमति से है. ट्रैक्टर गलत ढंग से पार कर रही थी. स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि जब ट्रेन आयी तो ड्राइवर ट्रैक्टर को छोड़ कर भाग गया या ट्रैक्टर खराब हो गयी थी. ट्रैक्टर ड्राइवर पर रेल यात्री की जान जोखिम में डालने की धारा 153 और नियम उल्लंघन कर रेलवे लाइन पार करने की धारा 147 के तहत ट्रैक्टर एवं चालक पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी. 

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