16 नवंबर 2017

BNMU: उर्दू का राष्ट्रीय सेमिनार का सम्पन्न

स्नातकोत्तर उर्दू विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का गुरुवार को समापन हुआ।  'उर्दू: एक मुश्तरका विरासत' विषयक यह सेमिनार बिहार उर्दू अकादमी, पटना द्वारा प्रायोजित था।


विश्वविद्यालय द्वारा कुछ महिनों पूर्व ही स्नातकोत्तर उर्दू विभाग को एक स्वतंत्र भवन आवंटित किया गया है। नये भवन में विभाग के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद उर्दू विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाना गौरब की बात है।
सेमिनार में कई शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। इसके माध्यम से यह बताया गया कि उर्दू किसी खास धर्म की भाषा नहीं है, बल्कि यह हिन्दु-मुस्लिम सबकी साझी विरासत है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से आए अतिथि मो. अली जौहर ने कहा कि उर्दू ने आजादी में अहम भूमिका निभाई है। यह जबान हिन्दू-मुस्लिम की साझी विरासत है। उन्होंने साझी विरासत को लेकर आगे भी आयोजन करने की जरूरत बताई।

जामिया मिलिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के डॉ.  मो. सैफुल्ला सैफी ने कहा कि ऐसे सेमिनारों के आयोजन से हमारी गंगा-जमुनी संस्कृति को बल मिलेगा और सद्भाव का वातावरण कायम होगा।

सेमिनार में  एलएनएमयू, दरभंगा के डॉ. रईस अनवर, विभागाध्यक्ष डॉ. फसीहउद्दीन अहमद, डॉ. अबुल फजल, शहनवाज आलम, शाहिन कौसर, मोहम्मद अशरफ, डॉ. कौकब सुलतान, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. आई आर. रहमान आदि उपस्थित थे।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...