11 नवंबर 2017

डॉक्टर गायब, एएनएम करती है इलाज !: प्रसूता की मौत

मधेपुरा जिले के आलमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टरों द्वारा निर्धारित समय सारणी पर स्वास्थ्य कन्द्र में मौजूद नहीं रहने के कारण से सही समय पर इलाज नहीं होने की वजह से एक प्रसव कराने आयी महिला की मौत हो गयी.


 जिसको लेकर अनुमंडल पदाधिकारी उदाकिशुनगंज और प्रखंड विकास पदाधिकारी आलमनगर के पास मृतक पति मो० शकील ने न्याय की गुहार लगायी है. इस बाबत पदाधिकारी को दिए आवेदन में मो० शकिल ने बताया कि वे दिनांक 9/11/17 को रात करीब 11 बजे अपनी पत्नी बीबी गुलशन को डिलीवरी कराने स्थानीय सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र लाया जहां उस समय एक भी डाक्टर नहीं थे. इसलिए एएनएम के द्वारा मरीज को भर्ती कर प्रसव गृह ले जाया गया और एएनएम के द्वारा ही इलाज चालू कर दिया गया. इस दौरान जब भी हमलोग डाक्टर के लिए पूछते तो वे लोग एक ही बात कहती कि डाक्टर साहब आ रहे हैं. रात्रि करीब जब 3 बजे जब मरीज की हालत गंभीर हो गयी तो ऐसा देक एएनएम के द्वारा ही मरीज को रेफर कर दिया गया और पूर्जा थमाते हुए मधेपुरा जाने को कहने लगी. जब हमलोगों के द्वारा हल्ला किया जाने लगा तब लगभग 3:00 बजे अस्पताल प्रभारी वहां पहुंचे और हमलोगों को समझा बुझा कर दूसरा पर्चा बनाकर जबरदस्ती ऐंबुलेंस पर बिठा कर मधेपुरा भेज दिया. जहां सदर अस्पताल जाने के दौरान ही मरीज की मौत हो गयी. 

उन्होंने कहा कि अगर समय से इलाज शुरू हो जाता और डाक्टर समय पर अस्पताल में मौजूद होते तो आज मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ होता. 

वहीं इस बाबत चिकित्सा पदाधिकारी डा० बी. के वर्मा ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर देख कर उसे रेफर किया गया था. वहीं जाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए अस्पताल से ही ऐंबुलेंस मुहैया कराया गया था. उन्होंने कहा कि परिजन का जो आरोप है वह सरासर निराधार है. डिलेवरी रूम में महिला डाक्टर नहीं रहने की वजह से एएनएम ही अधिकांश समय रहती है. उन्होने सफाई देते हुए कहा कि वह हमसे पूछती इलाज के बारे में पूछती जाती है और उस आधार पर इलाज करती है. जब ऐसा लगा कि हालत गंभीर है तब हमलोगों ने बेहतर इलाज के लिए महिला को रेफर कर दिया. जहां मधेपुरा में इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गयी. इसमें हमलोगों की कोई गलती नहीं है.
 (रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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