24 अक्तूबर 2017

‘One Mistake Game Over’ गिरोह के छ: अपराधी हथियार समेत गिरफ्तार

मधेपुरा में पुलिस ने छ: कुख्यात अपराधी को एक देशी पिस्तौल, दो जिन्दा कारतूस, पांच मोटरसाइकिल तथा साथ मोबाइल समेत गिरफ्तार किया है. इन अपराधियों द्वारा अपने गिरोह का नाम दिया गया था, “One Mistake Game Over”.

मधेपुरा थाना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मधेपुरा एसपी विकास कुमार ने बताया कि बीती रात करीब 9:00 बजे पुलिस को यह सूचना प्राप्त हुई कि मधेपुरा थाना अंतर्गत साहुगढ़ मवेशी उप स्वास्थ्य केंद्र के पास सहरसा एवं मधेपुरा जिला के कुख्यात अपराधियों का जमावड़ा हो रहा है तथा यह लोग किसी गंभीर घटना को अंजाम देने वाले हैं. प्राप्त सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक मधेपुरा राजेश कुमार के नेतृत्व में थाना अध्यक्ष मधेपुरा बीरेंद्र कुमार मेहता सहित संतोष कुमार दीक्षित एवं कमांडो सिपाही विपिन कुमार, उदय कुमार, मनोज कुमार, विकास कुमार एवं थाना गार्ड के पुलिसकर्मियों के साथ एक टीम का गठन कर प्राप्त सूचना के सत्यापन हेतु भेजा गया. गठित टीम के साहुगढ़ मवेशी उप स्वास्थ्य केंद्र के पास पहुंचते ही वहां उपलब्ध करीब 7-8 की संख्या में मोटरसाइकिल वाले लड़के भागने लगे जिसे पुलिस के द्वारा खदेड़ कर पकड़ा गया.

 एसपी ने बताया कि लड़के जो कुख्यात अपराधी  हैं तथा किसी संगीन घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से एकत्रित हुए थे. जो अपराधी पकड़ाए हैं 1. रत्नेश कुमार पिता उमेश दास घर साहुगढ़  2. धीरज साह पिता अशोक साह, साहुगढ़ 3. दिलखुश कुमार पिता मिथिलेश कुमार घर तिरी बराही 4. रौनक कुमार पिता सजेंद्र यादव साहुगढ़ दीवानी टोला 5. अजय कुमार पिता अशोक यादव घर सुरमाहा तथा 6. अमन कुमार पिता मूलचंद यादव घर दीवानी टोला साहुगढ़. अपराधी कर्मी के पास से  तीन बिना नंबर की तथा दो नम्बर की कुल पांच मोटरसाइकिल, 7 मोबाइल, एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किये गए. 

बताया कि जांच में पाया गया कि यह लोग किसी गंभीर अपराध करने के उद्देश्य यहां एकत्रित हुए थे. इसे पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया. बताया गया कि एक लड़का राजा पिता बिनोद यादव दीवानी टोला भागने में सफल रहा. गिरफ्तार अपराधी कर्मी अजय यादव के द्वारा बताया गया कि  यह वर्ष 2014 में एक चुनाव के समय अपराधिक घटना में जेल गए थे. गिरफ्तार अन्य अपराधी कर्मियों का आपराधिक इतिहास ज्ञात किया गया जा रहा है. गिरफ्तार अपराधी कर्मियों के द्वारा यह भी बताया गया कि हम इन लोगों का मुख्य काम पैसा, मोटरसाइकिल लूट एवं चोरी की घटनाओं को अंजाम देना होता है. घटना के अंजाम देने के पश्चात अपने  कुछ सदस्यों को मोटरसाइकिल के स्वामी के पास भेज कर उनसे पैसे की मांग कर पैसे ले कर उनको मोटरसाइकिल देते हैं. 

इन अपराधियों ने अपने गिरोह का नाम रखा था वन मिस्टेक गेम ओवर. पर इस गिरोह के वन मिस्टेक के कारण इनका ही पुलिस ने गेम ओवर कर दिया.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...