23 अक्तूबर 2017

छठ पर महँगाई की मार, कैसे मनाएं आमलोग ख़ुशी-ख़ुशी त्यौहार?


छठ महापर्व को लेकर बाजारों में भीड़ से जहाँ लोग परेशान है, उससे अधिक परेशान लोग बढ़ती महंगाई से हैं. खरीदार बताते है कि दिनों-दिन बढ़ती महंगाई से आमजनों को काफी कठिनाई हो रही है. 

पर्व में उपयोग होने वाली सामग्री का मूल्य सातवें आसमान पर हैं. पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सभी चीजों के दाम में वृद्धि हुई है. जहाँ पिछले बार 'कदुआ-भात' के लिए कदुआ 20-25 रूपये जोड़ी मिल रही थी, वहीं इस बार यह सीधे दोगुने-तिगुने दामों 50-80 रूपये तक बिक रहा हैं. पर्व में उपयोग में आने वाली गन्ने का दाम भी इस बार पिछली बार की तुलना में ज्यादा है. देखा जाये तो दाम सीधे दुगुना है. जहाँ गन्ना पिछले बार 10-20 रुपये जोड़ा मिल रहा था, वहीं इस बार 25-30 रुपये जोड़ा मिल रहा हैं. नारियल भी बाज़ार में 80-100 रूपये जोड़े बिक रही हैं. 

दुकानदार बताते हैं कि इस बार कोशी के इलाके में बाढ़ आने से कई फसल बर्बाद हो गई थी. जिसमे गन्ना, हल्दी, अल्हुआ-मूली, केले की फसल को भारी नुकसान हुआ. जिस कारण इन सभी चीज़ों को हमलोग बाहर से मंगवाकर बेचते हैं और आने-जाने में आने वाले खर्च ओर मुनाफे को जोड़कर बेचने की वजह से इन सब चीजों के दाम में वृद्धि हुई है. स्थानीय खरीदार राजीव कुमार जो किसान हैं बताते हैं कि इस बार महंगाई ने सभी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया हैं. वहीं एक बुजुर्ग किसान दामोदर ऋषिदेव कहते हैं हमलोग खेती पर निर्भर हैं, लेकिन इस बार बाढ़ का पानी आ जाने से सारा फसल बर्बाद हो गया. आलम यह है कि हमलोग क़र्ज़ लेकर पर्व की सामग्री खरीदने आये हैं.

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