25 अक्तूबर 2017

मधेपुरा में छठ पर्व कॊ ले प्रशासन की चौकस व्यवस्था, कुल 37 घाट हैं खतरनाक

मधेपुरा जिले में छठ पर्व कॊ ले इस बार प्रशासन ने लगभग हरेक छठ घाट  पर चाक चौबंद व्यवस्था का प्रयास किया है ।इसके लिये जिलाधिकारी मो० सोहैल स्वँय अधिकाँश घाट का निरीक्षण कर कारगर सुरक्षा व्यवस्था के लिये निर्देश जारी किये हैं ।


जिले में हैं 192 छठ घाट: मधेपुरा सदर अनुमंडल में 130 और उदाकिशुनगंज अनुमंडल में 62 छठ घाट हैं जहाँ सैकड़ों श्रधालुओं की भीड़ जुटती हैं ।इस बार इनका वर्गीकरण जुटने वाली भीड़ के आधार पर किया गया है । जहाँ दो हजार से अधिक भीड़ जुटती है वहाँ मोटरबोट ,सरकारी नाव और एस डी आर एफ़ के तैराक लगाये गये हैं । ऐसे तेरह घाट मधेपुरा और ग्यारह घाट उदाकिशुन गंज अनुमंडल में हैं ।जिस घाट पर दो हजार से कम और पाँच सौ से अधिक लोग आते हैं ,वैसे पैंसठ घाट हैं जबकि पाँच सौ से कम श्रद्धालुओं वाली कुल एक सौ तीन घाटों की पहचान की गयी है ।

कुल सैंतीस घाट हैं खतरनाक: जिले में खतरनाक घाटों की संख्या सैंतीस है, जहाँ नदी में डूबने का खतरा सम्भव है ।ऐसे घाटों की बेरेकेटिन्ग की गयी है । वहाँ बैनर लगाकर तैराकी से मना भी किया गया है ।इन घाटों पर दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है । जिले में 162 घाटों पर ऐसी प्रतिनियुक्ति की गयी है ।
प्रशासन की चौकसी: स्थिति पर नियंत्रण और निगरानी के लिये जिला नियंत्रण कक्ष का वरीय प्रभार में उप विकास आयुक्त  मिथिलेश कुमार (9431818377)और डी पी ओ गिरीश कुमार (9430800058)हैं जबकि किसी प्रकार की सूचना 06476 222220 या टॉल फ्री 1077 पर दी जा सकती है ।

अन्य गौरतलब कार्य: छठ घाट पर अफवाह फैला कर गड़बड़ करने वालों पर कड़ी निगरानी रहेगी । भिरखी  और सिंहेश्वर शिव गँगा घाट कॊ सी सी टी वी की निगरानी में रखा गया है ।घाटों पर प्रकाश व्यवस्था नगर परिषद के सौजन्य से कराने का निर्देश दिया गया है ।अग्निशामक वाहन कॊ तैनात रखा गया है ।अस्पतालों कॊ सतत तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है ।वाहन पार्किंग की अलग व्यवस्था है । प्रशासन ने मुकम्मल इंतजाम किये हैं और अब बस सबका सहयोग अपेक्षित है।

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