30 अक्तूबर 2017

डिग्री पार्ट-I की परीक्षा स्थगित होने पर छात्रों का बवाल: घंटों किया सड़क जाम, तोड़फोड़

30 अक्टूबर से बी. एन. एम. यू. में स्नातक प्रथम खण्ड के होने वाली परीक्षा के अचानक स्थगित करने से परीक्षार्थी छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। आक्रोशित छात्रों ने वि. वि. के सामने एनएच 106 को लगातार 5 घंटे जाम रखा।


सभी फोटो: मुरारी सिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रों के आक्रोश को विवि के पदाधिकारियो ने पूर्व में ही  भांपकर  विवि में  छुट्टी घोषित कर रखा था । लगातार पांच घंटे कॉलेज चौंक से  विवि परिसर तक छात्रों के आक्रोश से इलाका मुर्दाबाद मुर्दाबाद होता रहा। मधेपुरा युथ एशोसिएशन के बैनर तले अध्यक्ष राहुल यादव के अगुआई में हो रहे इस प्रदर्शन के सैकड़ो छात्रों की बस एक ही मांग थी कि  कुलपति हमे परीक्षा की निश्चित समय बतावे कि हमलोग का परीक्षा कब से लिया जाएगा।

आक्रोशित छात्रों के एक समूह ने  वि. वि. पहुंच जमकर तोड़फोड़ भी किया। छात्रों का गुस्सा वि.वि. में पदाधिकारी को न देख और भी भड़क गया। सबों ने घंटो  वि. वि. के  मुख्य द्वार को भी जाम रखा और वि. वि. पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी किया। दूसरे जिले से मधेपुरा परीक्षा देने वाले छात्रों ने तो आक्रोशित होकर किसी भी अधिकारी की नही सुन रहे थे ।
बीडीओ दिवाकर कुमार, थानाध्यक्ष बीरेंद्र महतो,सीओ आदि को भी छात्रों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। छात्रों ने इतना तक कह डाला कि सर आपलोग तीन वर्ष में स्नातक कर राज्य सिविल सेवा के अधिकारी पद पर तैनात है हमलोग 5 वर्ष में भी स्नातक क्लियर नही कर पाते है।अधिकारी भी इस बात चुप्पी साध लिए ।

छात्रों ने अपने परेशानी के बारे में बताते हुए कहा कि हमलोग विभिन्न जिले से अपने सेंटर पर आज अपना परीक्षा देने पहुंचे लेकिन बस एक सूचना टंगा मिला कि अपरिहार्य कारणों से पार्ट वन का परीक्षा स्थगित किया जाता है। बिना किसी सूचना के हमलोग का परीक्षा स्थगित हो जाता है। इतना दूर से आने के बाद हमलोग आर्थिक और मानसिक शोषण का शिकार होते है। सत्र हमलोग का काफी विलम्ब  से चल रहा है । हमलोग इस वि.वि. के चक्कर मे बर्बाद हो रहे है।

छात्र  नेता  राहुल यादव ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि वि. वि. के एक वरीय पदाधिकारी  ने बड़े पैमाने पर पैसा लेकर पूर्णिया के कॉलेजों में फर्जीबाड़ा किया है। उन्होंने कहा कि वि. वि. के इस फर्जीबाड़ा में बड़े शिक्षा माफिया का हाथ है और कुलपति द्वारा प्रतिकुलपति को जब कुलपति का प्रभार दिया गया है तब से पूर्णिया के पांच कॉलेजों को मान्यता दिया गया है। पूर्णिया के किसान कॉलेज, आरके के, आरकेआई आदि जैसे आधे दर्जन से अधिक कॉलेज है जो कागज पर चलते है। उन्होंने कहा जब तक छात्रों के समस्याओं का हल नही हो जाता है चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

करीब पांच घंटे बाद मधेपुरा अनुमंडलाधिकारी संजय निराला पहुंचे और आक्रोशित छात्रों से वार्ता कर समझा बुझा कर अगले दिन वार्ता कर समस्या का समाधान का आश्वासन देकर वि. वि. के सामने से सड़क जाम हटाया गया ।

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