18 सितंबर 2017

बी. एड. की प्रथम सूची से 70 प्रतिशत नामांकन: कहाँ गये 30 प्रतिशत मेधावी छात्र ?

भू. ना. मंडल विवि में भी कुलानुशासक के निर्देशानुसार कुल सत्रह अँगीभूत और सम्बद्ध निजी बीएड कालेजों में नामांकन के लिये प्रवेश परीक्षा ली गयी और फ़िर सभी परीक्षार्थी का परीक्षाफल प्रकाशित कर बाद में कालेजों के साथ सफल छात्रों की सूची प्रकाशित की गयी ।

लेकिन इस सूची में खामियां पकडे जाने के बाद सिर्फ अँगीभूत कालेजों में नामांकन हेतु चयनित सात सौ छात्रों की कालेजवार सूची प्रकाशित कर 18 सितम्बर तक ही नामांकन लेने का निर्देश वि.वि. ने जारी किया । लेकिन सोमवार कॊ जब अँगीभूत कालेजों से निर्धारित समय तक नामांकन कराने वाले छात्रों की पड़ताल की गयी तो पता चला है कि सूची में चयनित छात्रों में से मात्र सत्तर प्रतिशत ने ही नामांकन लिया है ।

बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय के ये सात अँगीभूत कालेज हैं- टी. पी. कालेज, मधेपुरा, पी. एस.  कालेज, मधेपुरा, डी. एस. कालेज, कटिहार, फारबिसगंज कालेज, फारबिसगंज कालेज,फारबिसगंज, एम. एल. टी. कालेज, सहरसा, आर. एम. कालेज, सहरसा। इन कालेजों में  प्रथम सूची के आधार पर नामांकन की अंतिम तिथि 18 सितम्बर (सोमवार) को समाप्त हो चुकी  है। तदुपरांत सभी प्रधानाचार्यों से कोटिवार नामांकित विद्यार्थियों का विवरण लिया जा रहा  है। यह विवरण प्राप्त होने के बाद दूसरी सूची जारी की जाएगी। यह जानकारी प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. फारूक अली ने दी।

लेकिन अब एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर तीस प्रतिशत चयनित छात्रों ने नामांकन क्यों नही लिया ? सम्भव है कि कूछ चयनित छात्रों कॊ नामांकन शुल्क की व्यवस्था नही हुई हो । लेकिन कुछ लोग यह भी शंका व्यक्त कर रहे हैं कि "सेटर" जो हैं वे नामांकन नही लेते हैं । दरअसल अब ऐसी प्रतियोगी परीक्षा जिसमे भाग लेने के लिये विशेष जाँच नही होती है, में तीक्ष्ण बुद्धि के अन्यत्र रोजगार में लगे लोग अपने नाम से मिलते जुलते नाम वाले छात्रों से मोटी रकम लेकर उन्ही के साथ प्रवेश परीक्षा में बैठते हैं और फ़िर आजू बाजू वाले छात्रों कॊ बता कर उन्हे भी सफल करा देते हैं । ऐसे सेटर छात्र नामांकन नही लेते हैं ।
बहरहाल यह सेटिंग तो अब यहाँ पुरानी बात हो चुकी है । ताजा सूचना यह है कि अब फ़िर जो दूसरी सूची जारी होगी उसमें अपनी बारी का इंतजार कर रहे छात्रों कॊ भी नामांकन लेने का मौका मिलेगा ।

लेकिन अब कुछ छात्राओं कॊ इस बात का मलाल है कि उन्होने अपनी पसंद मधेपुरा के बी एड कालेज में नामांकन के लिये दिया था लेकिन उन्हे सहरसा के आर झा महिला कालेज की  सूची में डाल दिया गया । वे वहाँ नामांकन तो ले चुकी है लेकिन वहाँ नित्य जाने आने भारी खर्च और परेशानी है । अब जबकि 30 प्रतिशत नामांकन नही हुआ है तो हमलोगों कॊ सहरसा से मधेपुरा के अँगीभूत कालेज में ट्रान्स्फर का मौका देकर हमारी मदद की जाय । इसके लिये कुलपति से फरियाद करने भी ये छात्रायें जायेंगी ।

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