14 अगस्त 2017

मधेपुरा शहर के कई वार्डो में पहुँची उफ़नती नदी, निचले मुहल्लों में घुसा पानी

नदी के जल स्तर में हो रही लगातार वृद्धि के कारण एक और जहाँ शहर के कई निचले मुहल्ले में घरों में पानी घुस चुका है वहीँ मुरलीगंज रोड और सुखासन रोड में स्थित पुलों पर भाखण पौधे की ढेर जमा हो जाने के पुल पर दवाब बढ़ गया है ।

किसी भी क्षण पूल टूट जाने की आशंका के कारण भाखण के पौधे कॊ प्रशासन हटवा रही है ।   

कई वार्डो में बाढ़ का कहर :- शहर के वार्ड नम्बर 26, 14 और 26 के निचले हिस्से में बसे लोगों का जीना मुहाल हो चुका है । नदी किनारे बसे इन लोगों ने अब घर भी खाली कर दिया है । इनमें से कई घर ऐसे भी हैं जो आशंका के बावजूद नदी के पेट में या सटे किनारे बनाये गये हैं । भू दान की भूमि पर बसा नया नगर, जयपाल पट्टी वार्ड नम्बर 14 और वार्ड नम्बर छह का पूर्वी नदी से सटा भाग पूरी तरह बाढ़ में डूबा हुआ है । लोग घर-बार छोड़ अन्यत्र आसरे की तलाश में भटक रहे हैं

दो पुलों पर बड़ा खतरा :- शहर के पूरब स्थित मुरलीगंज रोड में मत्गजा लोहा पुल के डायवर्सन में भाखन का ढेर जमा हो चुका है । इसके कारण डायवर्सन के ऊपर से पानी बहने लगा है । डी एम सहित अन्य पदाधिकारी यहाँ का मुआयना कर जे वी सी और जाल से भाखन के पौधे कॊ हटाया जा रहा है । लेकिन भाखन की इतनी अधिकता है कि उसे बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है । 

उधर सुखासन पुल का पीपा पुल और डायवर्सन बह चुका है और यहाँ भी भाखन के पौधे पुराने स्क्रू पाइल पूल के पास जमा हो चुका है । इसके कारण जल का बहाव पुल पार करने के बाद दाहिने मुड़ कर शहर की ओर बहने लगी है । इसके कारण सुखासन रोड में रहने वाले शहरी भयाक्रांत हैं । यहाँ प्रशासन कोई समस्या निरोधक कार्य नही करवा रही है।

दूसरी तरफ पूरे शहर में बाढ़ का खौफ बना हुआ है । पीडितों का कहना है कि बाढ़ का पानी वर्षा थम जाने के बावजूद बढ़ता ही जा रहा है । जिलाधिकारी मु सोहैल का कहना है कि नदी किनारे बसे लोगों कॊ बढ़ा हुआ नदी का जलस्तर परेशान कर रहा है। जिले के चौसा और आलमनगर के पंचायतों में तटबंध नही होने के कारण बाढ़ आती रही है । वहाँ प्रशासन चौकस है और राहत कार्य जारी है ।

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