13 अगस्त 2017

बिहार में सबसे अधिक लोकप्रिय सांसद हैं मधेपुरा के सांसद पप्‍पू यादव

दिल्‍ली से प्रकाशित होने वाली पत्रिका फेम इंडिया और एशिया पोस्‍ट के सर्वे के अनुसार, बिहार के 40 लोकसभा सांसदों में सबसे अधिक लोकप्रियता मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव का है. इस मामले में वे नंबर वन हैं.

लोकसभा चुनाव 2014 में बिहार से जीत कर आये सांसदों में से किसने अपने क्षेत्र की जनता का दिल जीता तो कौन नाकाम रहा, जब बात लोगों से पूछा गया, तब उन्‍होंने पप्‍पू यादव को नंबर एक पर रखा है. इस सर्वे का पैमाना सासंदों के कार्यकालव्यवहारलोकप्रियता सहित क्षेत्र की जनता के प्रति व्यवहार को लेकर था. 

सर्वे में सांसद से संबंधित जनता से पांच सवाल पूछने के साथ लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा समेत कुल नौ बिंदुओ को शामिल किया गया था.  इनमें उनकी सदन में उपस्थितिबहस में भागीदारी व जनहित के प्रश्न उठानेनिजी विधियेक लानेसांसद निधि का उपयोग सहित क्षेत्र की जनता के लिए सुलभता व मददगारलोकप्रियता और छवि को प्रमुख माना गया है. सर्वे में पाया गया है कि कई सांसदों के कार्य बहुत अच्छे हैं तो कुछ के मानकों से नीचे आये. उपस्थिति और सांसद विकास निधि के खर्च के आंकड़ों में कई सांसदों का प्रदर्शन तो काफी अच्छा रहा हैलेकिन लोकप्रियताछवि और मददगार होने के मामले में वे पीछे रह गए हैं. हालांकि सर्वे में बिहार के वैसे लोकसभा सांसदजो वर्तमान में भारत सरकार में मंत्री हैंउन्हें शामिल नहीं किया गया है.  

सर्वे मानता है कि पप्‍पू यादव एक ऐसे सांसद हैं, जो पूरे जुनून के साथ भ्रष्ट सिस्टम के विरुद्ध लगातार संघर्षरत्त हैं. वह सड़क से संसद तक आम आदमी की हर मांग को मजबूती से उठाते हैं. इन्‍हें गरीबोंबीमारोंछात्रों और हर आम आदमी की समस्याओं का ख्याल है और उसे अपनी पूरी क्षमता से दूर करने की कोशिश करता है. राज्य के किसी भी कोने मे होने वाली अपराधिक घटना में पीड़ित परिवार के साथ तनमनधन से खड़ा हो, उसे सहायता प्रदान करते हैं. कोई उन्हें मसीहा मानता है तो कोई रॉबिन हुडकिसी की नज़र में वे विद्रोही हैं तो किसी की नजर में शांत.

दिल्ली के बलवंत राय लेन स्थित अपने सरकारी आवास और पटना आवास को पप्पू यादव ने जिस तरह से इलाज के लिये आने वाले असहाय लोगों के लिए खोल रखा हैवो मानवता की एक अनूठी मिसाल है. यहां लोगो को इलाज के साथ-साथ रहने और खाने की पूरी व्यवस्था सासंद पप्पू यादव खुद अपनी देख-रेख में करवाते हैं. एक बड़े किसान परिवार से आए पप्पू यादव के दादा स्वतंत्र भारत में खुर्दा पंचायत के पहले मुखिया थे. उनके पिता चंद्रनारायण प्रसाद शिक्षा व समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही आनंदमार्ग के प्रमुख प्रचारक रहे हैं. पप्पू यादव की पढ़ाई सुपौलआनंदपल्ली और आनंदपुरभागलपुर में हुई. वे पहली बार 1990 में निर्दलीय विधायक चुने गए.
(ए.सं.)
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