10 अगस्त 2017

कोसी का बढ़ा डिस्चार्ज, तटबंध के भीतर मचा हाहाकार


सुपौल। कोसी नदी एक बार फिर उफान पर है। गुरूवार को बराज पर कोसी का डिस्चार्ज वर्ष के अधिकतम डिस्चार्ज के रूप में रिकाॅर्ड किया गया है। गुरूवार की 04 बजे संध्या कोसी का डिस्चार्ज 02 लाख 51 हजार 165 क्यूसेक दर्ज की गयी। जो बढ़ते क्रम में है।


तटबंध के भीतर मचा हाहाकार: तटबंध के भीतर बसे सैकड़ों परिवार के घरों में कोसी का पानी प्रवेश कर गया है। जिस कारण प्रभावित परिवारों के बीच हाहाकार मच गया है। पीड़ित परिवार के बीच भोजन, पीने का पानी व शौचालय की समस्या जटिल हो चुकी है। एकाएक कोसी के उफनाने के बाद लोगों को उंचे स्थानो पर पलायन करने की विवशता बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा बहाल की गयी नाव पीड़ित परिवार के फौजों के सामने बौनाी साबित हो रही है। संकट की घड़ी में लोगों के बीच निजी नाव ही मात्र के सहारा रह गया है।

घरों ने लिया जल समाधि: किशनपुर, मरौना एवं सरायगढ- भपटियाही प्रखंड स्थित तटबंध के भीतर बसे परिवार के दर्जनों घर जल समाधि ले चुका है। ऐसे में हालात है कि पीड़ित परिवार तटबंध पर मात्र एक पाॅलिथीन के सहारे जीवन गुजार रहे है।

01 लाख 64 हजार क्यूसेक में हुई थी कुसहा त्रासदी: मालूम हो कि 18 अगस्त 2008 में मात्र एक लाख 64 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज के बाद कुसहा की त्रासदी आयी थी। जिसमें लाखो लोग प्रभावित हुए थे। त्रासदी की जख्म आज भी ताजा है। कोसी के डिस्चार्ज बढने के साथ ही लोगों को कुसहा की वह काली रात याद दिला देती है जिसमें लाखों लोग बेघर हो गये थे।
प्रभावित परिवार का जायजा लेने निकले मरौना सीओ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इलाके में पानी ही पानी है। क्षति का जायजा लिया जा रहा है। जल संसाधन विभाग कोसी के मुख्य अभियंता प्रकाश दास ने बताया कि कोसी के डिस्चार्ज में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन दोनों तटबंध सुरक्षित है।     
    

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...